मैडम की क्लासरूम से बेडरूम तक चुदाई यात्रा!
Hindi Sex Story : 34 साल की हॉट मैडम रितिका ने अपने शर्मीले स्टूडेंट आर्यन का मोटा लंड अपनी भूखी चूत और टाइट गांड में भरा! क्लासरूम से बेडरूम तक Wild चुदाई!!
नमस्ते, मैं रितिका शर्मा, 34 साल की इंग्लिश लेक्चरर। कॉलेज में सब मुझे सख्त और प्रोफेशनल समझते हैं, लेकिन अंदर से मैं भी एक औरत हूँ — जिसकी शादी को आठ साल हो चुके हैं और पति ज्यादातर समय बाहर रहते हैं।
उस क्लास में आर्यन नाम का लड़का मुझे सबसे ज्यादा आकर्षित करता था। 20 साल का, शांत, पढ़ाकू और थोड़ा शर्मीला। वो हमेशा लास्ट बेंच पर चुपचाप बैठता था, लेकिन उसके असाइनमेंट हमेशा बेस्ट होते थे।
शुरुआत छोटी-छोटी बातों से हुई।
क्लास खत्म होने के बाद मैंने उसे पहली बार अपने केबिन में बुलाया। "आर्यन, तुम्हारा असाइनमेंट अच्छा है लेकिन थोड़ी और डेप्थ चाहिए। शाम को आ जाना।"
जब वो आया तो मैंने जानबूझकर अपनी साड़ी का पल्लू थोड़ा सरका रखा था। हम टेबल के पास बैठे। मैंने उसके बगल में कुर्सी खींच ली। बात करते-करते मेरा घुटना उसके घुटने से छू गया।
वो तुरंत हट गया, लेकिन मैंने मुस्कुराते हुए कहा, "आर्यन, relax करो। मैम तुम्हें सिर्फ मदद करना चाहती हूँ।"
उसके बाद वो मेरे केबिन आने लगा। धीरे-धीरे हमारी बातें पढ़ाई से आगे बढ़ने लगीं। मैं उसे अपनी जिंदगी की अकेलेपन की बातें बताती। वो चुपचाप सुनता।
एक दिन बारिश हो रही थी। कॉलेज में कम लोग थे। मैंने उसे केबिन में बुलाया। मेरी साड़ी हल्की भीग गई थी, ब्लाउज शरीर से चिपक गया था। मेरे भारी 36C वाले स्तन और निप्पल्स साफ दिख रहे थे।
आर्यन बार-बार चोरी-चोरी देख रहा था।
मैंने उसके पास जाकर खड़ी हो गई और बोली, "आर्यन, तुम्हें कभी किसी औरत की company की जरूरत महसूस हुई है?"
वो शरमाकर बोला, "मैम... मैं... ज्यादा नहीं सोचता।"
मैंने हल्का हंसते हुए उसके कंधे पर हाथ रखा। "सोचना चाहिए... जिंदगी सिर्फ किताबों में नहीं होती।"
उस दिन मैंने उसके हाथ को पकड़कर अपनी कमर पर रख दिया। वो कांप गया, लेकिन हाथ हटाया नहीं। मैंने धीरे से उसे गले लगाया। मेरे चूचे उसकी छाती से दब गए।
"मैम... ये..." उसकी आवाज कांप रही थी।
"बस चुप रहो... थोड़ी देर ऐसे ही रहने दो।"
उसके बाद मैंने उसे घर पर भी बुलाना शुरू कर दिया। पति बाहर थे, घर खाली था।
एक शाम वो घर आया। मैंने हल्का सूट पहना था जिसमें मेरी कमर और गांड अच्छे से उभर रही थी। हम सोफे पर बैठे। बातें करते-करते मैं उसके कंधे पर सिर रखकर लेट गई।
"आर्यन... मैम को बहुत अकेलापन लगता है। तुम अच्छे लड़के हो... थोड़ा पास आओ ना।"
उसने हिम्मत करके मेरे बालों में हाथ फेरा। मैंने उसका हाथ उठाकर अपने चूचे पर रख दिया।
"दबाओ... धीरे-धीरे।"
आर्यन का हाथ कांप रहा था। वो हल्का-हल्का दबाने लगा।
"हां... ऐसे... आह्ह्ह... अच्छा लग रहा है।"
मैंने उसकी शर्ट के ऊपर से छाती सहलानी शुरू की। धीरे-धीरे उसकी सांसें तेज होने लगीं। मैंने उसकी गोद में बैठकर अपनी कमर हिलानी शुरू कर दी। उसके लंड के उभरने का एहसास मुझे हो रहा था।
"आर्यन... तुम्हें अच्छा लग रहा है ना?" मैंने उसके कान में फुसफुसाया।
"मैम... बहुत... उफ्फ..."
मैंने उसके होंठों पर हल्का किस किया। वो पहले तो घबरा गया, लेकिन फिर जवाब देने लगा।
धीरे-धीरे हम दोनों गर्म हो रहे थे। मैंने उसकी शर्ट के बटन खोल दिए। उसकी छाती चिकनी और गर्म थी। मैं झुककर उसे चूमने लगी।
"मैम... आह्ह..."
मैं नीचे सरकी। उसकी जीन की चेन खोली। उसका लंड आधा खड़ा हो चुका था — मोटा, लंबा और सुंदर।
मैंने उसे हाथ में लिया और धीरे-धीरे सहलाया।
"वाह आर्यन... कितना अच्छा है..."
मैंने सिर्फ सुपाड़े को चूमा। फिर जीभ से हल्का-हल्का चाटा।
"सल्... म्म्म..."
आर्यन कराह रहा था, "मैम... आह्ह्ह... बहुत अच्छा लग रहा है..."
मैंने उसे ज्यादा नहीं चूसते हुए छोड़ दिया। मैं जानती थी — आज चुदाई नहीं करनी है। बस उसे और तरसाना है।
मैं उठी, उसकी गोद में बैठ गई और बोली, "आज इतना ही काफी है आर्यन। लेकिन याद रखना... मैम तुम्हें और भी बहुत कुछ सिखा सकती है।"
आर्यन का चेहरा लाल था। वो कुछ बोल नहीं पा रहा था।
मैं मुस्कुराई और बोली, "कल फिर आना।"
अगले कुछ दिन और गुजरे। आर्यन अब हर शाम मेरे घर आने लगा था। बाहर से हम पढ़ाई का बहाना रखते, अंदर से कुछ और ही चल रहा था।
एक शाम...
मैंने दरवाजा खोला तो आर्यन खड़ा था। आज मैंने जानबूझकर एक हल्का सा ट्रांसपेरेंट नाइट सूट पहना था, जिसके अंदर सिर्फ ब्रा और पैंटी थी।
"आओ आर्यन... अंदर आ।"
वो अंदर आया और सोफे पर बैठ गया। मैं उसके बगल में बैठी और सीधे उसके गोद में पैर रख दिए।
"आज क्लास में तुम बार-बार मेरी तरफ देख रहे थे... क्या सोच रहे थे?" मैंने मुस्कुराते हुए पूछा।
आर्यन शरमाया, "मैम... आप बहुत सुंदर लग रही थीं।"
मैं हँसी और उसके करीब सरक गई। इस बार मैंने खुद उसका हाथ पकड़कर अपने चूचे पर रख दिया।
"तो छूकर देखो... कितना नरम है..."
आर्यन अब पहले से थोड़ा हिम्मती हो गया था। उसने दोनों हाथों से मेरे चूचों को दबाना शुरू कर दिया।
"आह्ह्ह... हां... जोर से... मसलो उन्हें..." मैंने आह भरते हुए कहा।
उसके हाथों में मेरे स्तन दब रहे थे। मैंने उसकी शर्ट उतार दी और उसकी छाती चूमने लगी। धीरे-धीरे मैं नीचे सरकी और उसकी पैंट खोल दी। आज उसका लंड पहले से ज्यादा कड़ा था।
मैंने उसे हाथ में लिया और धीरे-धीरे सहलाने लगी।
"मैम... उफ्फ... बहुत अच्छा लग रहा है..." आर्यन कराह रहा था।
मैं झुकी और इस बार पूरा सुपाड़ा मुंह में ले लिया। "सल्... स्लर्प... म्म्म..." मैं धीरे-धीरे चूस रही थी। उसकी झांटों की हल्की खुशबू मुझे और उत्तेजित कर रही थी।
आर्यन ने मेरे बाल पकड़ लिए। "मैम... आह्ह्ह... गहरा... "
मैंने कुछ मिनट चूसने के बाद उसे छोड़ दिया। फिर उठकर अपनी पैंटी उतार दी और उसके सामने खड़ी हो गई। मेरी चूत पहले से गीली थी।
"आर्यन... आज मैम की चूत चाटोगे?"
वो घुटनों पर बैठ गया। पहली बार उसने झिझकते हुए अपनी जीभ मेरी चूत पर रखी।
"आह्ह्ह... हां... यही जगह... धीरे चाटो... उफ्फ..." मैंने उसके सिर को पकड़कर अपनी चूत पर दबाया।
आर्यन सीख रहा था। उसकी जीभ मेरी क्लिट पर घूम रही थी। कभी-कभी वो अंदर डालने की कोशिश कर रहा था।
"हां... और अंदर... आह्ह्ह... बहुत अच्छा कर रहे हो... म्म्म्म... आर्यन... चूसो उसे..."
मैं कराह रही थी। उसकी जीभ की गर्मी मुझे पागल कर रही थी। कुछ मिनट बाद मेरा पहला ऑर्गेज्म आ गया।
"आआआह्ह्ह... निकल गया... हां... अच्छा... आह्ह्ह..."
मैं थरथरा गई। आर्यन का मुंह मेरी चूत के रस से गीला हो गया था।
मैंने उसे उठाया और सोफे पर लिटा दिया। फिर उसकी गोद में बैठ गई। उसका लंड मेरी चूत की लिप्स पर रगड़ रहा था, लेकिन अंदर नहीं डाला।
"आज बस इतना ही... लेकिन कल..." मैंने उसके कान में फुसफुसाया और हल्का किस किया।
आर्यन बेचैन हो रहा था। "मैम... प्लीज..."
"धैर्य रखो... अच्छी चीजें इंतजार करने के बाद और मजेदार होती हैं।"
तीन दिन बाद...
आर्यन अब पूरी तरह मेरा हो चुका था। आज मैंने उसे बेडरूम में बुलाया।
मैं बेड पर लेटी थी। सिर्फ ब्रा और पैंटी में। आर्यन मेरे ऊपर आ गया। अब वो पहले से ज्यादा कॉन्फिडेंट था।
उसने मेरी ब्रा उतारी और दोनों चूचों को जोर-जोर से चूसने लगा।
"आह्ह्ह... आर्यन... जोर से चूसो... काटो... उफ्फ्फ... हां... ऐसे..."
उसके बाद वो नीचे गया और मेरी चूत को अच्छे से चाटने लगा। अब वो काफी अच्छा कर रहा था।
"आह्ह्ह... तुम सीख गए हो... हां... क्लिट चूसो... आह्ह्ह... मैम की चूत बहुत गीली हो गई है..."
मैंने उसे ऊपर खींचा। अब वो मेरे ऊपर था। उसका लंड मेरी चूत पर दब रहा था।
मैंने खुद अपना हाथ पीछे ले जाकर उसका लंड पकड़ा और अपनी चूत की लिप्स पर रख दिया।
"आर्यन... धीरे से अंदर डालो... मैम को बहुत दिनों से इंतजार है..."
आर्यन ने धीरे से दबाव डाला।
"आआह्ह्ह... बड़ा है... उफ्फ... धीरे... आह्ह्ह..."
उसका सुपाड़ा अंदर चला गया। मैंने अपनी कमर उठाकर उसे और अंदर ले लिया।
"हां... पूरा डालो... आह्ह्ह... फाड़ दो मैम की चूत... "
आर्यन ने पूरा लंड अंदर डाल दिया।
"मैम... बहुत टाइट है... आह्ह्ह..."
"चोदो आर्यन... जोर से चोदो अपनी मैम को..."
आर्यन का पूरा मोटा लंड मेरी चूत में घुसते ही मैंने जोर से चीख मारी।
"आआआह्ह्ह्ह... फट गई... आर्यन... उफ्फ्फ... इतना मोटा है तेरा लंड... आह्ह्ह... धीरे... पूरा मत डालो अभी..."
लेकिन आर्यन अब रुकने वाला नहीं था। उसने मेरी कमर पकड़कर एक और जोरदार धक्का मारा।
"मैम... आह्ह्ह... आपकी चूत तो बहुत टाइट है... पूरा घुस गया... उफ्फ..."
"आआह्ह्ह... मर गई... देवर... नहीं... आर्यन... हां... फाड़ दो... मेरी चूत फाड़ दो... आह्ह्ह्ह..."
मैंने अपनी टांगें उसके कमर के चारों तरफ लपेट लीं और कमर हिलाने लगी। आर्यन तेज-तेज धक्के मारने लगा।
थप... थप... थप... थप...
"जोर से... आर्यन... जोर से चोदो अपनी मैम को... आह्ह्ह... मेरी भूखी चूत को फाड़ दो... हां... यही... गहरा... आह्ह्ह... मोटा लंड है तेरा... उफ्फ्फ..."
आर्यन पागल हो गया था। उसने मेरे दोनों चूचों को जोर से पकड़ लिया और उन्हें मसलते हुए तेजी से चोदने लगा।
"मैम... आपकी चूत तो स्वर्ग है... बहुत गर्म और गीली... ले... ले पूरा लंड... आह्ह..."
"हां... ले रही हूँ... पूरा ले रही हूँ... आआआह्ह्ह... मेरी चूत का भोसड़ा बना दो... चोदो... तेज... तेज... म्म्म्माह्ह... आर्यन... तुम बहुत अच्छे चोदते हो... आह्ह्ह..."
करीब १० मिनट तक मिशनरी में चुदाई के बाद मैंने उसे पीछे धकेला और घोड़ी बन गई। अपनी मोटी गांड ऊपर उठाकर बोली, "अब इस रंडी मैम की गांड भी मारो... "
आर्यन ने मेरी गांड पर थूक लगाया और अपना लंड मेरी गांड पर रख दिया।
"मैम... गांड में डालूँ?"
"हां... डालो... फाड़ दो... आह्ह्ह... मैं तैयार हूँ..."
उसने धीरे से दबाव डाला। सुपाड़ा अंदर गया तो मैंने तकिए को जोर से काट लिया।
"आआआह्ह्ह्ह... फट गई... मेरी गांड फट गई... उफ्फ्फ... धीरे... आह्ह... पूरा डाल दो... हां... ऐसे..."
आर्यन ने पूरा लंड मेरी गांड में ठेल दिया।
"मैम... बहुत टाइट गांड है आपकी... आह्ह्ह... निचोड़ रही है..."
"चोदो... अपनी मैम की गांड चोदो... आह्ह्ह... जोर से... फाड़ दो... हां... थप्पड़ मारो गांड पर... आह्ह्ह..."
आर्यन ने मेरी गांड पर जोर-जोर से थप्पड़ मारे और तेजी से गांड मारने लगा।
"थप... थप... थप... थप..."
"आह्ह्ह... हां... मारो... मेरी गांड का भोसड़ा बना दो... आर्यन... तुम्हारा लंड मेरी गांड में कमाल कर रहा है... उफ्फ्फ... मैं तुम्हारी रंडी हूँ... चोदते रहो... आह्ह्ह... तेज... तेज..."
करीब ८ मिनट गांड मारने के बाद आर्यन ने मुझे फिर से घोड़ी से उठाकर दीवार से सटा दिया। खड़े-खड़े ही उसने मेरी एक टांग उठाई और अपनी चूत में लंड ठोक दिया।
"आआह्ह्ह... गहरा... बहुत गहरा जा रहा है... आह्ह्ह... मेरी कोख तक पहुंच रहा है तेरा लंड... चोदो... अपनी मैम को रंडी बना दो... हां... हां... आह्ह्ह..."
हम दोनों पसीने से तर थे। मैं उसके कंधों पर हाथ रखकर ऊपर-नीचे हो रही थी।
"आर्यन... मेरे अंदर भर दो... अपनी मैम की चूत में अपना माल भर दो... आह्ह्ह... मैं झड़ने वाली हूँ... हां... तेज... तेज..."
आर्यन ने आखिरी जोर लगाया।
"मैम... मैं भी... आह्ह्ह... ले... भर रहा हूँ..."
"हां... भर दो... गर्म... आआआह्ह्ह्ह... निकल गया... हां... आह्ह्ह..."
हम दोनों एक साथ झड़ गए। उसका गर्म वीर्य मेरी चूत में भर गया। मैं थरथरा कर रह गई। मेरी टांगें कांप रही थीं।
हम बेड पर गिर पड़े। मैं उसके सीने पर लेट गई। उसका लंड अभी भी मेरी चूत में था।
कुछ देर बाद मैंने मुस्कुराते हुए कहा, "आर्यन... आज से तुम मेरे प्राइवेट स्टूडेंट हो। जब भी मैम को जरूरत पड़ेगी... तुम आकर चूत और गांड भरोगे। समझे?"
आर्यन ने मेरी गांड सहलाते हुए कहा, "जी मैम... जितनी बार चाहो..."
उसके बाद हमने और दो राउंड लिए — एक तो शावर के नीचे, दूसरा बेडरूम की मिरर के सामने, जहां मैं खुद देख रही थी कि कैसे मेरा स्टूडेंट मुझे रंडी की तरह चोद रहा है।
"आह्ह्ह... देखो आर्यन... कैसे तुम्हारा लंड मेरी चूत में जा रहा है... आह्ह... मैं कितनी गंदी लग रही हूँ... चोदो... और चोदो..."
शाम तक मेरी चूत और गांड दोनों लाल और सूजी हुई थीं। लेकिन मन पूरी तरह संतुष्ट था।
अब आर्यन हर हफ्ते 3-4 बार मेरे घर आता है। क्लास में हम दोनों बाहर से नॉर्मल, लेकिन अंदर से हम दोनों जानते हैं — मैम अब उसकी पूरी रंडी बन चुकी है।
तो दोस्तों, कैसी लगी ये रितिका मैम और आर्यन वाली गंदी और हॉट स्टूडेंट-टीचर वाली कहानी? कमेंट में जरूर बताना।
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