शुगर डैडी ने बेटे संग मिलकर चूत और गांड़ मारी!

Sugar Daddy और उसके बेटे ने 22 साल की मोनिका बेटी को बीच में लेकर चूत और गांड़ में एक साथ लंड घुसाकर बनाया रंडी! चुत और गांड फटी एक साथ! Dirty Family Sex Story


मेरा नाम मोनिका है और मेरी उम्र 22 साल। ये मेरी एक उदासी जिंदगी से बाहर निकलने के सफर की कहानी है। मैं दिल्ली के एक मध्यमवर्गीय परिवार से हूँ। मेरे पापा की छोटी सी प्राइवेट जॉब है ।


मेरी मम्मी घर संभालती हैं। मेरे दो छोटे भाई-बहन भी हैं। ये तब की बात है जब घर की स्थिति इतनी खराब हो चुकी थी कि कई बार तो राशन के पैसे भी जुटाने में मुश्किल होती थी। 


मैं उन दिनों बी.ए. फाइनल ईयर में पढ़ रही थी, लेकिन पढ़ाई के साथ-साथ पार्ट टाइम जॉब भी करती थी। मेरी नौकरी कोई खास नहीं थी मैं बस कॉफी शॉप में वेट्रेस का काम करती थी। 


दिन भर थकान, रात को पढ़ाई, और घर पर मम्मी-पापा की चिंताएँ यही मेरी जिंदगी बन गई थी। मैंने सोचा था कि इस जीवन के संघर्ष को अब और नहीं झेल पाऊँगी।


हर महीने बिल, भाई-बहन की फीस, किराना—सब कुछ मेरे कंधों पर आता जा रहा था। 


एक दिन मेरी सहेली ने मुझसे कहा, “मोनिका, तू इतना क्यों परेशान रहती है? आजकल तो लड़कियों के लिए बहुत आसान रास्ते हैं जिससे वो पैसे भी कमाती है और अपनी जरूरतें भी पूरी करती है।


 मेरी सहेली ने मुझे आइडिया दिया के Sugar Daddy ढूँढ ले। मैने आज तक इस शब्द को नहीं सुना था, फिर उसने मुझे समझाया एक अच्छा सा अंकल जो तेरी जरूरतें पूरी कर दे। तू बस उसका ध्यान रखना।”


पहली बार में मुझे ध्यान रखने का मतलब समझ नहीं आया फिर उसने खुलकर बोला। 


एक ऐसा इंसान तलाश कर जिसके पास पैसा बहुत हो मगर अकेलापन उससे अधिक हो, वो तेरे खर्चे पूरे करेगा और तू उसके अकेलेपन को पूरा करना, तन मन और चूत से।


ये Antarvasana Sugar Daddy Hindi Sex Kahani आप Garam kahani पर पढ़ रहे है। शुरू में मुझे बहुत गुस्सा आया। लेकिन रात को अकेले में जब सोचा तो लगा—क्या सच में ये इतना गलत है? 


मैं किसी को धोखा नहीं दे रही, न किसी को नुकसान पहुँचा रही हूँ। बस अपनी जिंदगी को थोड़ा आसान बनाना चाहती हूँ। मैं कोई रण्डी तो नहीं बनूंगी जिसको हर रात कोई नोचेगा बल्कि एक केयरटेकर की तरह रहूंगी।


फिर मैंने एक फेमस sugar daddy वेबसाइट पर प्रोफाइल बनाया। फोटो डाली—सिंपल, लेकिन आकर्षक। उम्र 22, फिगर 34-28-36, लंबे बाल, गोरी रंगत और अपने काम और अपनी हदों को अच्छे से बताया।


कुछ दिनों बाद मुझे एक मैसेज आया। मैसेज भेजने वाले का नाम था विजय। उम्र 50 साल। वो प्रोफाइल अनुसार एक बिजनेसमैन थे। उनकी दिल्ली और मुंबई दोनों में प्रॉपर्टी।


वह तलाकशुदा थे और उन्होंने बताया की उनका एक बेटा है जो 25 साल का है। 


शुरू शुरू में तो मुझे काफी समय डर लगा मैने अपनी सहेली से इस बारे में बात करी तो उसने कहा के जैसे एक नॉर्मल लड़के से बात करती हो वैसे नहीं करना सीधा प्रोफेशनल बनकर बात करो । 


कुछ दिनों तक मैने उनसे बस चैटिंग करी और आखिर कार जब मैं उनके स्वभाव से कंफर्टेबल हुई तो मिलने का तय करा । हमारी पहली मुलाकात एक पाँच सितारा होटल के लॉबी में हुई।


विजय अंकल बहुत शांत और मेच्योर लग रहे थे। 


उनमें ठरकी बुद्धों वाली कोई बात मुझे नहीं मिली वह साफ-सुथरे कपड़े, अच्छी बातचीत वाले इंसान थे जिनसे शायद मैं शादी की बात करती अगर हालत अलग होते।


उन्होंने मेरी सारी बातें सुनीं—घर की परेशानी, पढ़ाई, भाई-बहनों की जिम्मेदारी और सब कुछ। 


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ये baap beti ki chudai ki kahani आप Garam kahani पर पढ़ रहे है। उस दिन उन्होंने मुझे 50,000 रुपये कैश दिए और कहा, “मोनिका, अब से तुम्हें कोई टेंशन नहीं होगी।


तुम सिर्फ मेरी अच्छी दोस्त बनकर रहना। मैं तुम्हारी हर जरूरत पूरी करूँगा।” 


धीरे-धीरे हमारा रिश्ता गहरा होता गया। विजय अंकल मुझे महंगे रेस्टोरेंट ले जाते, अच्छे कपड़े गिफ्ट करते, मेरे भाई-बहन की फीस भरते।


बदले में मैं उनके साथ समय बिताती—डिनर, शॉपिंग, कभी-कभी उनके फ्लैट पर रुक जाती, उन्होंने मुझे चोदने की कोशिश नहीं कारी और कभी जबरदस्ती भी नहीं की। 


हालांकि मैं उनको रोकती भी नहीं थी, वो सोफे पर बैठकर कोई काम करते तो मैं छोटी चड्डी पहनकर उनकी गोद में बैठा करती थी, उन्हें इस तरह के कडल्स में मज़ा आता था, वो सोते हुए मुझे हग कर के सोते थे, नींद में वो मेरी गांड़ पर अपना लन्ड सहलाते थे।


धीरे धीरे मुझे भी अच्छा लगने लगा और इस सब की आदत हो गई, ये मेरा काम भी था और किसी महान इंसान ने कहा है, अपने पसंद का काम करो नहीं तो अपने काम को ही पसंद करो। 


अंकल कभी कभी ज़्यादा ड्रिंक कर लेते थे तो मेरी ब्रा उतर कर मेरे चूंचे सहलाकर आनंद लिया करते थे, हालांकि वो मुझे चोद नहीं रहे थे बल्कि मैंने इस काम को शुरू करने से पहले दिमाग में अपनी सील तुड़वाने का इरादा बना लिया था।


कभी कभी उन्हें जोश आता तो वो मुझे मूठ मारने को कहते मैने भी काफी बार उनका लन्ड चूसकर पानी निकाला था, उन्होंने मुझे सब लोगो से अपनी असिस्टेंट बोलकर मिलवा दिया था।


वे बहुत केयरिंग थे। सेक्स भी धीरे-धीरे शुरू हुआ। पहली बार उन्होंने मुझे बहुत प्यार से तैयार किया।


मैं अभी तक वर्जिन थी। उन्होंने मेरी चूत पर हाथ रखने से पहले मेरी सहमति ली, बहुत सावधानी से मेरी पहली रात को यादगार बनाया।


उस दिन उन्होंने कोई बड़ी डील फिक्सिंग कर दी थी, अंकल बहुत ही खुश थे और मैं भी खुश थी क्योंकि मुझे 5 लाख का इनाम उन्होंने दिया था।


 उस रात हम कमरे में आए मैने गाना शुरू करा हमने मिलकर डांस किया, धीरे धीरे वो मेरे होठ चूमने लगे। ये INCEST SEX KAHANI आप GARAM KAHANI पर पढ़ रहे हैं।


मैं भी उनका पूरा साथ देने लगी, हम एक दूसरे की जीभ को आइसक्रीम की तरह पी रहे थे


फिर उनके ने मुझे गोद में लिया और बिस्तर पर लेटा दिया। 


मैने हमेशा की तरह एक छोटी पेटीकोट ले रखा था उसके ऊपर सिर्फ ब्रा और साड़ी थी, अंकल मुझे मीटिंग्स के दौरान यही पहनने को बोलते थे, ज़ाहिर है उनके क्लाइंट्स बनने की एक वजह मैं भी हूं।


फिर अंकल ने मेरी टांगे खोलकर पेटीकोट के नाडे को ढीला कर दिया, वो धीरे धीरे मेरी तंग को सहलाते हुए पेटीकोट के अंदर आए। 


फिर मेरे पल्लू को पेट से हटाकर मेरी नंगे पेट को चूमने लगे, पेट को चूमते हुए उन्होंने पेटीकोट को पूरी तरह उतार दिया, आज मैने पेंटी नहीं पहनी थी मेरी खुली साफ नंगी चूत उनके सामने थी।


उन्होंने बहुत प्यार से मुझसे पूछा आज तुम्हारी जवानी को अपने नाम कर लूं, मैने भी बोल दिया “आपको मेरी इजाज़त की नीड नहीं , आप जानते है।” वो मुस्कुराए और मेरी चूत पर अपने होठ रखकर मेरे ऊपर अपने हक की मोहर लगाने लगे।


वो नीचे से मेरी चूत चाट रहे थे ऊपर मेरे बूब्स को भींच रहे थे, अंकल की वजह से मेरी 22 साल उमर वाले जिसमें मैं 30 साल वाली कामुकता थी।


मुझसे ये हवस सही नहीं जा रही थी तो मैने खुद ही अपनी ब्रा उतार फेकी और अंकल को ऊपर खींच लिया।


 मैं अब पूरी नंगी थी और अंकल को पलट कर उन्हें चूम रही थी मैं उन्हें ऊपर से नीचे चूमती जाती और कपड़े निकालती जाती। 


कुछ ही मिनटों में हम दोनों नंगे एक दूसरे को चख रहे थे, मेरे गुलाबी मोटे होठों ने अपने निशान अंकल के पूरे जिस्म पर छोड़ दिए थे।


मैं अंकल के निप्पल पी रही थी तो उन्होंने मेरे सर को नीचे धकेला, मैं समझ गई अब क्या करना है, मैं उनके जिस्म को चूमते हुए लन्ड को पहुंची, और 7 इंच का नाग अपने मुंह में भर लिया। 


मैं अब एक्सपर्ट हो चुकी थी पूरे कमरे में अब “गाह! गॉग! हम्ममम! ओह! “ की आवाज़ आ रही थी।


लन्ड को अच्छे से चिकना कर के फिर मैने लन्ड पर चूत रगड़नी शुरू करी, तभी अंकल उठे और मुझे अपने नीचे ले लिए, न जाने क्यों मर्द की मर्दानगी चुदाई की बिस्तर पर औरत को अपने नीचे लेटाने में महसूस होती है।


अंकल ने फिर से मुझे चूमना शुरू करा, और एक हाथ से लन्ड को चूत के दरवाज़े पर सहलाने लगे। ये Mom Son Sex Story आप Garam kahani पर पढ़ रहे है।


मेरी चूत अब गीली होकर चिकनी हो गई थी और लन्ड लेने को तड़प रही थी, मैने अपनी टांगे उनकी कमर पर बांधी और खींचने लगी।


वो भी समझ गए अब इंजन गरम है, आखिर कार अंकल ने अपना लन्ड मेरी चूत पर सेट करा लेकिन आज उन्होंने कोई रहम नहीं करा।


 उन्होंने ऐसा धक्का लगाया जिससे मेरी चूत फट्टी चली है मेरे मुंह से “आअआआअअह!” की ज़ोर की आवाज़ गूंजी।


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उन्होंने मेरे मुंह को अपने होठों से लगाकर बंद कर दिया,मेरे आंसू निकल चुके थे और अंकल अब मुझे तेज़ी से चोद रहे थे।


 फिर उन्होंने मेरे होठ छोड़े और टांगे उठाकर चोदने लगे।


मैं आगाह! ओह आअआअह, ओहद अंकल धीरे आअआअह, दर्द हो रहा है ओहह्ह्ह्ह! अंकल आअआअह आह आह आअआओह अंकल हम्ममम! करती जा रही थी मगर वो मेरी चीखे सुनकर मज़ा ले रहे थे।


थोड़ी देर में मुझे भी अच्छा लगने लगा आअआअह, ओहद अंकल धीरे आअआअह, अच्छा लग रहा है ओहह्ह्ह्ह! अंकल आअआअह आह आह आअआओह अंकल हम्ममम! हम्ममम और तेज़ बोलकर मैं अपनी कमर उछालने लगी।


करीब 10 मिनिट की चुदाई के बाद अंकल ने मेरी चूत पर अपना माल झाड़ा हालांकि मेरा काम अभी नहीं हुआ था लेकिन वो थक गए थे तो में कुछ नहीं बोली।


मेरी पहली चुदाई थी ये , उन्होंने आज मेरी सील थोड़ी थी मुझे दर्द हुआ, लेकिन उनका प्यार और केयर उस दर्द को कम कर देता था अब हफ्ते में दो तीन बार वो मुझे चोद लेते थे।


तीन महीने बाद एक दिन विजय अंकल ने मुझे सरप्राइज दिया।“मोनिका, हम गोवा घूमने जा रहे हैं। सिर्फ तुम और मैं।”


मैं बहुत खुश हुई। लेकिन जब एयरपोर्ट पर पहुँची तो देखा कि उनके साथ उनका बेटा अजय भी है। अजय 25 साल का था, हाइट 6 फीट, अच्छा खासा बॉडी बिल्डर लड़का, वो विदेश में बिजनेस मैनेजमेंट पढ़ रहा था।


विजय अंकल ने मुस्कुराते हुए कहा, “अजय को मैने बताया है कि तुम मेरी नई पत्नी हो। उसकी नई माँ।”


मैं हैरान रह गई मैं एक 22 साल की लड़की और अब 25 साल के लड़के की मां थी मुझे कुछ समझ नहीं आया मुझे क्या बोलना चाहिए, तो कुछ नहीं बोली। अजय ने मुझे देखा और मुस्कुरा दिया। 


उसकी नजरों में कुछ अलग सा था वो मेरे चेहरे से ज़्यादा मेरी उभरी चूंची देख रहा था मैने इस बात पर ध्यान नहीं दिया।


कुछ घंटों की फ्लाइट लेकर हम गोवा पहुँचे। बीच रिसॉर्ट में लग्जरी विला बुक था। हमारा वहां तीन दिन का प्लान था। 


दिन में बीच पर घूमना, वॉटर स्पोर्ट्स खेले मैने भी दिल खोलकर शॉपिंग की यहां आकर मैने अपनी सहेली को मन ही मन धन्यवाद दिया इस sugar daddy आइडिया के लिए । फिर रात को बीच पार्टी के मजे लिए। 


तीसरे दिन शाम को हम तीनों लॉन्ग ड्राइव पर निकले। गोवा की खूबसूरत सड़कें, समंदर किनारे मुझे मेरी गरीबी में देखे गए सारे सपने सच होते दिखने लगे। उन सपनों से वापस आते-आते रात हो गई। 


विला में पहुँचकर विजय अंकल ने शराब की बोतलें निकालीं। “आज पूरा मजा करते हैं,” उन्होंने कहा। हम तीनों ने ड्रिंक्स शुरू कीं। मैं शराब पीने की आदी नहीं थी, इसलिए दो ग्लास के बाद ही सिर घूमने लगा। 


अजय और विजय अंकल भी काफी पी चुके थे। माहौल धीरे-धीरे बदलने लगा या कहूं चुदासा होने लगा। विजय अंकल ने मुझे अपनी गोद में बिठा लिया और किस करना शुरू कर दिया। मैं नशे में थी, लेकिन शरीर गर्म हो रहा था। अजय सामने बैठा हमें देख रहा था। 


फिर विजय अंकल ने अजय को इशारा किया। “बेटा, आ जा। आज तेरी नई माँ को हम दोनों मिलकर खुश करते हैं।”


मैं हैरान हो गई और मैंने विरोध करने की कोशिश की, लेकिन नशा इतना था कि बोल नहीं पा रही थी। अजय उठा और मेरे पास आ गया। उसने मेरे बालों को सहलाया और मेरे होंठों पर किस कर दिया। 


दोनों पिता-पुत्र मुझे बीच में लेकर गोद में उठकर बेड पर ले गए। मेरे कपड़े एक-एक करके उतार दिए गए। मैं पूरी तरह नंगी उनके बीच लेटी हुई थी मेरा दिल घबरा रहा था।


विजय अंकल मेरे स्तनों को चूस रहे थे, अजय मेरी जांघों को चूम रहा था। 


मैं भले ही अब वर्जिन नहीं थी, लेकिन एक साथ दो लन्ड सहना मेरे बस की बात नहीं थी वैसे तो विजय अंकल के साथ पहले कई बार सेक्स हो चुका था। पर आज कुछ और ही होने वाला था। नशे की हालत में मुझे अच्छा भी लग रहा था। 


विजय अंकल ने अपना लंड मेरी चूत पर रखा और धीरे से अंदर डाला। मैं अआआह! आह! ओहह्ह्ह्ह! कहते हुए कराह उठी।


फिर अजय ने पीछे से मेरी गांड पर अपनी उंगलियाँ फिराईं और तेल से चिकनी करके अपना मोटा लंड मेरी गांड में धकेल दिया। 


दोनों लंड एक साथ मेरे अंदर थे—एक चूत में, एक गांड में।


मैं चीखी धीरे आअआअह, अच्छा लग रहा है ओहह्ह्ह्ह! अंकल आअआअह आह आह आअआओह अंकल हम्ममम! हम्ममम, लेकिन नशे की वजह से वो चीख जल्दी ही कराह में बदल गई।


दोनों मुझे बीच में लेकर जोर-जोर से धक्के देने लगे। पूरा बेड हिल रहा था। चादरें उलझ गईं, तकिए गिर गए थे। वे दोनों मुझे बारी-बारी और कभी साथ-साथ चोद रहे थे।


मैं पूरी तरह उनकी गिरफ्त में थी एक मेरे पीछे था एक मेरे आगे था दोनों मुझे बीच में लेकर बैठे हुए थे मैं कही हवा में लन्ड पर बैठी हिचकोले खा रही थी।


मुझे असहनीय दर्द था, लेकिन नशा इतना था कि मुझे सिर्फ अजीब सा मजा आ रहा था। मेरी चूत और गांड दोनों भरी हुई थीं। 


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लगभग डेढ़-दो घंटे तक दोनों ने मुझे इस तरह चोदा। मैं कई बार झड़ चुकी थी और कई बार के झड़ने की मेरी कसर आज निकली थी। आखिर में दोनों ने मेरे अंदर अपना माल छोड़ा। मैं थककर वहीं लेट गई।


मेरा शरीर पर पसीना पसीना था, चूत और गांड दोनों में जलन और दर्द हो रहा था, लेकिन नशे की वजह से मैं मुस्कुरा रही थी। 


अगली सुबह जब मेरी आँख खुली तो मैं दोनों के बीच में लेटी हुई थी। विजय अंकल बाईं तरफ, अजय दाईं तरफ दोनों के लन्ड मुझसे चिपके हुए थे।


मैंने उठने की कोशिश की तो शरीर में भयानक दर्द हुआ। चूत और गांड दोनों सूजी हुई थीं। चलने में भी तकलीफ हो रही थी। 


विजय अंकल और अजय भी जाग गए। तीनों ने एक-दूसरे को देखा। कुछ सेकंड के लिए अजीब सा सन्नाटा रहा। फिर विजय अंकल ने मुस्कुराते हुए मुझे अपनी बाहों में खींच लिया।


अजय भी दूसरी तरफ से लग गया। हम तीनों ने एक लंबा फैमिली हग किया। विजय अंकल बोले, “मोनिका, अब से तुम हमारी फैमिली का हिस्सा हो।”


अजय ने मेरे कान में धीरे से कहा, “माँ… कल रात बहुत मजा आया।”मैं शर्म से लाल हो गई थी, लेकिन अंदर से कुछ राहत भी मिली।


अब किसी से कोई छुपाना नहीं था। उस दिन के बाद हमारी जिंदगी बदल गई। गोवा से वापस आने के बाद भी ये रिश्ता जारी रहा। 


कभी विजय अंकल अकेले मुझे अपने फ्लैट पर बुलाते। तो कभी अजय आ जाता। कभी दोनों साथ में मुझे चोदने को मिलते। मैं अब खुलकर दोनों के साथ समय बिताती।


कभी मैं अपनी उम्र से काफी बड़े “पति” विजय अंकल की गोद में बैठकर उनकी लंड की सवारी करती। 


तो कभी अपने “बेटे” अजय के साथ—जो उम्र में मुझसे सिर्फ 3 साल बड़ा था—उसके मोटे और जोरदार लंड को चूसती और अपनी चूत में लेती। दोनों के लन्ड के अलग-अलग स्वाद थे।


विजय अंकल अनुभवी और प्यार से भरपूर थे। अजय जवान, जोशीला और बहुत एनर्जेटिक था। 


मेरी जिंदगी के संघर्ष अब खत्म हो चुके थे। घर पर पैसे की कोई कमी नहीं थी। भाई-बहन की पढ़ाई चल रही थी। मैं भी आराम से पढ़ाई पूरी कर रही थी।


बदले में मुझे दो पुरुष भी मिल गए थे—एक पिता जैसा केयरिंग, दूसरा बेटा जैसा जवान और हॉट। अब मैं खुलकर दोनों की खुशी का ख्याल रखती हूँ। 


कभी-कभी रात को तीनों साथ बेड पर होते हैं। मैं दोनों के बीच में लेटी रहती हूँ।


एक मेरी चूत में, दूसरा मेरी गांड में अपनी रात गुजारते है मैं रण्डी नहीं बनी हूं इस बात की मुझे खुशी है, समाज के सामने मैं विजय अंकल की बहू हूं और उनकी कंपनी की आधी मालकिन ।


कभी दोनों मेरे मुंह में बारी-बारी अपने लन्ड का पानी भी छोड़ देते है। मैं अब इस रिश्ते को एंजॉय करती हूँ। क्योंकि अब मुझे पता है—जिंदगी के संघर्ष से बचने के लिए कभी-कभी कुछ अनोखे रास्ते भी चुनने पड़ते हैं।


ये कहानी कैसी लगी hashmilion5@gmail.com पर मुझे ज़रूर बताए और कमेंट भी करिए, धन्यवाद।

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