मीरा भाभी ने देवर को रंडी चोदते पकड़ा!
Antarvasna Sex : देवर को रंडी चोदते पकड़ भाभी ने खुद मांगी चूत-गांड की चुदाई! भाभी की भूखी चूत और टाइट गांड को देवर के मोटे लंड ने फाड़ा! हुई Extreme चुदाई!
ये कहानी कुछ महीनों पहले की है। मैं अर्जुन, घर पर अकेला रहता था क्योंकि मेरा बड़ा भाई अमित जॉब के सिलसिले में अक्सर बाहर रहता था। मेरी भाभी मीरा 27 साल की बेहद आकर्षक और हॉट औरत थी।
उसका गोरा रंग, भारी 34D वाले स्तन, पतली कमर और मोटी गोल गांड किसी को भी उत्तेजित कर सकती थी। वो हमेशा साड़ी या टाइट सूट में घूमती थी जो उसके जिस्म को और भी कामुक बना देता था।
मैं अपने फ्रेंड्स के साथ घूमता रहता था। हाल ही में मैंने रिया नाम की एक लड़की से दोस्ती की थी। वो कॉलेज जाती थी, या ऐसा कहती थी। असल में वो थोड़ी खुले विचारों वाली थी और पैसे के लिए तैयार रहती थी।
आज दोपहर मैं रिया को घर ले आया। भाभी मीरा उस वक्त किचन में थी। हम दोनों ऊपर वाले कमरे में चले गए। पढ़ाई का बहाना करके हम अक्सर यहीं मिलते थे।
कमरे में घुसते ही रिया ने दरवाजा बंद किया और मेरे सामने घुटनों पर बैठ गई। उसने मेरी जीन की चेन खोली और मेरा ७ इंच लंबा, मोटा लंड बाहर निकाल लिया।
"वाह अर्जुन... आज तो बहुत कड़ा है..." रिया ने मुस्कुराते हुए कहा और अपनी जीभ से सुपाड़े को चाटने लगी।
वो धीरे-धीरे उसे मुंह में लेने लगी। "सल्... स्लर्प... म्म्म..." उसके गाल अंदर-बाहर हो रहे थे। साथ में वो अपने बड़े स्तनों को खुद दबा रही थी।
मैं उसका सिर पकड़कर धीरे से आगे पीछे कर रहा था। माहौल गर्म हो रहा था।
तभी अचानक ऊपर से वेंटिलेटर की तरफ से आवाज आई।
"अर्जुन... किताबें बंद कर लेनी चाहिए ना?"
मीरा भाभी की आवाज थी।
रिया ने फटाक से मेरा लंड मुंह से निकाला। मैंने जल्दी से पैंट में घुसाया। दिल जोरों से धड़क रहा था।
हम दोनों जानते थे कि भाभी ने सब देख लिया है।
कुछ देर बाद भाभी कमरे के दरवाजे पर आईं। मैंने दरवाजा खोला। मीरा अंदर आईं और दरवाजा अंदर से बंद कर लिया। रिया शर्म से सिर झुकाए बैठी थी।
मीरा ने मुस्कुराते हुए कहा, "देवर जी... काफी दिनों से ये खेल चल रहा है ना? आज पकड़े गए। अब क्या करूँ? भैया को बताऊँ या मम्मी को?"
मेरा मुंह सूख गया। "भाभी... वैसा कुछ नहीं है... बस..."
मीरा ने अपना फोन निकाला और घुमाते हुए बोली, "इसमें पूरा वीडियो है। लाइव दिखाऊँ?"
रिया चुपचाप बोली, "दीदी... मैं जाती हूँ।"
मीरा ने रिया को देखा और पूछा, "कॉलेज जाती है या लंड चूसने?"
रिया शर्माते हुए बोली, "दीदी... पैसे के लिए करती हूँ।"
मैंने रिया को ५०० रुपये दिए और वो जल्दी से चली गई। जाते वक्त उसने मीरा से कहा, "आपकी भी जरूरत पड़े तो बता देना।"
कमरे में सन्नाटा छा गया।
मीरा मेरे पास आई। उसकी साड़ी का पल्लू थोड़ा सरका हुआ था, जिससे उसकी गहरी नाभि और भारी चूचे दिख रहे थे। उसने मेरी जीन के ऊपर से ही मेरे लंड को पकड़ लिया।
"देवर जी... मुझे भी वही चाहिए जो तुम उस रंडी को देते हो।" उसकी आवाज नरम लेकिन हवस भरी थी।
मैं हैरान था। "भाभी... आप...?"
मीरा ने मेरी आँखों में देखा, "कितने इशारे दिए... तुम समझे ही नहीं। आज मैं खुद आ गई हूँ।"
वो धीरे से मेरे सामने घुटनों पर बैठ गई। उसने अपना पल्लू हटाया। मैंने उसका चेहरा देखा — लाल हो चुका था, होंठ कांप रहे थे।
मीरा ने मेरी जीन खोली और मेरा अब भी आधा खड़ा लंड बाहर निकाला। पहले तो उसने सिर्फ चूमा, फिर जीभ से चाटा।
"म्म्म... कितना मोटा है देवर जी..." ये Desi Sex से भरपूर Antarvasana Family Hindi Sex Kahani आप Garam kahani पर पढ़ रहे है।
धीरे-धीरे उसने पूरा मुंह में ले लिया। "सल्... ग्लक... आह्ह..." वो धीरे-धीरे चूस रही थी। उसकी गर्म सांस मेरी जांघों पर पड़ रही थी।
मैंने उसका सिर सहलाया। मीरा और तेजी से चूसने लगी। उसकी लार मेरे लंड पर बह रही थी।
"आह्ह भाभी... धीरे... उफ्फ..."
कुछ मिनट बाद मेरा लंड पूरा कड़ा हो गया। मीरा ने उसे मुंह से निकाला और ऊपर देखकर मुस्कुराई।
"अब असली मजा शुरू होता है देवर जी..."
मीरा भाभी के मुंह में मेरा लंड चूसते देखकर मेरे दिमाग में पिछले कुछ हफ्तों की यादें घूमने लगीं। असल में ये सब अचानक नहीं हुआ था।
पिछले हफ्ते की बात...
एक दिन मैं नहा कर निकला तो सिर्फ टॉवल लपेटे हुए था। भाभी किचन में थीं।
उन्होंने मुझे आवाज दी, “अर्जुन, जरा ये जार उठा दो ना।” जब मैंने जार ऊपर रखा तो मेरा टॉवल थोड़ा सरक गया। भाभी ने सीधे मेरी जांघों और लंड की तरफ देखा।
उनकी नजर कुछ सेकंड्स के लिए अटक गई। फिर उन्होंने मुस्कुराते हुए कहा, “देवर जी, शरीर तो अच्छा बनाया है... भैया से ज्यादा।”
उस दिन उन्होंने जानबूझकर अपनी साड़ी का पल्लू नीचे सरका लिया था। उनके भारी चूचे आधे दिख रहे थे। मैं शर्म से भाग गया था।
दूसरा दिन...
रात को भाभी टीवी देख रही थीं। मैं पास बैठ गया। उन्होंने अपनी टांगें फैला लीं और साड़ी थोड़ी ऊपर चढ़ गई। उनकी गोरी जांघें चमक रही थीं। वो बार-बार मेरी तरफ देखकर मुस्कुरा रही थीं।
“अर्जुन, कंधे दर्द कर रहे हैं... थोड़ा दबा दो ना।” मैंने दबाया तो उन्होंने आह भर दी — “आह्ह्ह... हां... और नीचे... उफ्फ... कितना अच्छा हाथ है तुम्हारा...” उनकी आवाज में हवस साफ झलक रही थी।
लेकिन मैं डर के मारे कुछ नहीं कर पाया।
तीसरा मौका...
एक सुबह भाभी योगा कर रही थीं। टाइट योगा पैंट और स्पोर्ट्स ब्रा में। उनकी गोल गांड पैंट में फटी पड़ रही थी।
उन्होंने मुझे बुलाया और बोलीं, “देवर जी, ये आसन सिखा दो।” जब मैंने उन्हें छुआ तो उनकी कमर मेरे हाथ में आ गई।
उन्होंने जानबूझकर अपनी गांड मेरे लंड पर हल्का रगड़ दी। “आह्ह... अर्जुन... मजबूत हो तुम...” फिर भी मैं चुप रहा।
अब आज वो सब याद करके मुझे समझ आ रहा था कि भाभी कितने दिनों से मुझे seduce कर रही थीं।
वर्तमान में...
मीरा भाभी ने मेरा पूरा कड़ा लंड मुंह से निकाला। उनके होंठ चमक रहे थे। उन्होंने ऊपर देखा और sexy मुस्कान दी।
“देवर जी... अब मुझे चोदोगे या अभी भी शर्म आ रही है?”
मैंने उन्हें खड़ा किया। उनकी साड़ी का पल्लू पूरी तरह गिर चुका था। मैंने उनके ब्लाउज के हुक खोलने शुरू किए। एक-एक करके। उनके भारी ३४D चूचे ब्रा में कैद थे। ब्रा उतारते ही दोनों चूचे छूट गए। गुलाबी निप्पल्स सख्त हो चुके थे।
मैंने एक चूचा मुंह में ले लिया।
“आह्ह्ह्ह... देवर जी... चूसो... जोर से... म्म्म्म...” मीरा ने मेरे बाल पकड़ लिए।
मैं दूसरे चूचे को मसलते हुए चूस रहा था। मीरा की सांस तेज हो गई थी। “उफ्फ... हां... काटो थोड़ा... आह्ह... बहुत दिनों से भूखी हूँ...”
मैंने उनकी साड़ी का नाड़ा खोला। पेटीकोट नीचे सरका दिया। अब वो सिर्फ काली पैंटी में थी। पैंटी पर पहले से ही गीला निशान था।
मीरा ने खुद पैंटी उतार दी। उनकी चूत साफ शेव की हुई थी, सिर्फ हल्की लाइन। पूरी गीली और सूजी हुई।
“देखो देवर जी... तुम्हारे लंड के लिए कितनी तरस रही है...” उन्होंने अपनी उंगलियों से चूत की लिप्स खोलीं।
मैंने उन्हें पलंग पर लिटाया। उनकी टांगें फैला दीं। पहले तो मैंने उनकी जांघों को चूमा, फिर धीरे-धीरे ऊपर चढ़ा।
“आह्ह्ह... अर्जुन... चूत चाटो ना... प्लीज...” मीरा ने मेरे सिर को अपनी चूत पर दबाया।
मैंने अपनी जीभ उनकी चूत पर फेरी। नमकीन स्वाद था। ये Pregnent Fantasy से भरपूर Dewar Bhabhi Ki Chudai Ki Kahani आप Garam kahani पर पढ़ रहे है।
“उफ्फ्फ्फ... हां... यही... क्लिट चूसो... आह्ह्ह... देवर जी... मर जा रही हूँ...” मीरा की कमर हिलने लगी।
मैं जोर-जोर से चूत चाट रहा था। उनकी उंगलियां मेरे बालों में फंसी हुई थीं। कुछ मिनट बाद मीरा पहली बार झड़ गईं।
“आआआह्ह्ह्ह... निकल गया... हां... देवर... आह्ह्ह...”
अब मैं तैयार था। मैंने उन्हें घोड़ी बनाया। उनकी मोटी गोल गांड मेरे सामने थी। मैंने लंड पर थूक लगाया और उनकी चूत पर रख दिया।
“धीरे से देवर जी... तुम्हारा बहुत मोटा है...” मीरा ने पीछे मुड़कर कहा।
मैंने धीरे से दबाव डाला। चूत की लिप्स फैलने लगीं।
“आआह्ह्ह... बड़ा है... उफ्फ... आधा घुसा दो... हां...”
एक जोरदार धक्का। पूरा लंड अंदर चला गया।
“मर गई... आह्ह्ह्ह... फट गई चूत... देवर जी... उफ्फ्फ...” मीरा की आँखों में आंसू आ गए लेकिन गांड पीछे की तरफ हिल रही थी।
मैंने रफ्तार बढ़ाई। थप-थप-थप की आवाज कमरे में गूंजने लगी।
“जोर से चोदो देवर... फाड़ दो अपनी भाभी की चूत... आह्ह्ह... हां... यही... गहरा... म्म्म्माह्ह...”
मीरा पूरी तरह हवस में थी। मैंने उनके बाल पकड़े और तेजी से ठोकना शुरू किया।
“ले भाभी... ले पूरा लंड... तेरी चूत तो स्वर्ग है...”
कुछ मिनट बाद मैंने उन्हें पोजीशन बदलकर मिशनरी में लिया। उनकी टांगें मेरी कमर पर। मैं गहराई से चोद रहा था। उनके चूचे उछल रहे थे।
“आह्ह्ह... देवर... मेरे अंदर भर दो... हां... चोदो अपनी रंडी भाभी को...”
हम दोनों एक साथ झड़ गए। मैंने उनकी चूत में पूरा गर्म पानी छोड़ दिया।
मीरा थरथरा रही थीं। “आह्ह्ह... गर्म है... भर गया...”
हम कुछ देर लेटे रहे। फिर मीरा ने मेरे लंड को फिर से हाथ में लिया।
“अभी खत्म नहीं हुआ देवर जी... अब मेरी गांड भी आजमाओ...”
मीरा भाभी मेरे सीने से चिपकी हुई थीं। उनकी सांसें अभी भी तेज थीं। मेरे गर्म वीर्य की कुछ बूंदें उनकी जांघों से टपक रही थीं।
उन्होंने मेरे लंड को हाथ में लेकर हल्का-हल्का हिलाया और मेरी आँखों में देखकर sexy मुस्कान दी।
"देवर जी... अभी तो सिर्फ शुरुआत है। तुम्हारी भाभी बहुत दिनों से भूखी है। अब मेरी गांड भी आजमाकर देखो... "
मैं हैरान था। "भाभी... गांड में? "
आगे की कहानी : "भाभी ने देवर को रंडी चोदते पकड़ा! 02"
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