भाई के 9 इंच लंड ने मेरी कुंवारी चूत और गांड फाड़ दी 03
Family Sex Kahani :मैने अपने भाई की छाती नंगी की! और चुद गई अपने भैया से! फिर बाद में उनकी गर्लफ्रेंड करीना को भी Threesome चुदाई में हमने शामिल कर लिया!
अभी तक आपने "भाई के 9 इंच लंड ने मेरी कुंवारी चूत और गांड फाड़ दी 02" में पढ़ा :-
कभी-कभी हम तीनों की तिकड़ी भी हो जाती। एक रात जब करीना घर पर रुकी हुई थी और मम्मी-पापा बाहर थे, मैंने प्लान बनाया। मैंने करीना को थोड़ी शराब पिला दी। जब वो नशे में थी, मैंने विनय को बुलाया। हम तीनों नंगे हो गए।
विनय ने पहले करीना को चोदा, मैंने उनका लंड चूसा जब वो करीना की चूत में घुसा हुआ था। फिर विनय ने मुझे चोदा जबकि करीना मेरी चूचियाँ चूस रही थी। हम तीनों की आहें, चीखें और थप-थप की आवाज़ें पूरे कमरे में गूँज रही थीं।
लेकिन सच कहूँ तो तीनों में भी ज़्यादातर वक्त विनय का ध्यान मुझ पर ही रहता। करीना को वो प्यार से चोदते, लेकिन मुझे तो जानवर की तरह।
अब मेरी चूत और गांड़ दोनों उनकी हो चुकी थीं। मेरी हर इच्छा वो पूरी करते। मैं भी उनकी हर इच्छा मानती। वो कहते “आज मुँह में झड़ना है” तो मैं घुटनों के बल बैठ जाती। कहते “गांड़ दो” तो मैं तुरंत घुटनों पर हो जाती।
हमारा ये गुप्त इंसेस्ट रिश्ता अब और भी गहरा और खतरनाक हो चुका था, लेकिन हम दोनों को रोकना नामुमकिन था।
अब आगे :-
कुछ महीने बीत गए। हमारा गुप्त रिश्ता अब पूरी तरह परिपक्व हो चुका था। बाहर से देखने वाले को लगता कि जनवी और विनय अभी भी वैसे ही प्यारे भाई-बहन हैं।
लेकिन अंदर से हम दोनों एक-दूसरे के दीवाने हो चुके थे। करीना अभी भी विनय की गर्लफ्रेंड थी, लेकिन वो अब सिर्फ़ एक कवर थी। असली चुदाई, असली प्यार और असली वासना सिर्फ़ मेरे और विनय भैया के बीच थी।
मम्मी-पापा को कभी शक भी नहीं हुआ। हम बहुत सावधानी से सब करते थे। लेकिन अब हम और भी बोल्ड हो गए थे। कभी-कभी तो दिन के उजाले में भी रिस्क ले लेते।
एक दिन जब मम्मी किचन में थीं और पापा अखबार पढ़ रहे थे, विनय ने मुझे बालकनी में बुलाया। वहाँ कोई नहीं देख सकता था। उन्होंने मेरी सलवार का नाड़ा खोला, पैंटी नीचे सरकाई और खड़े-खड़े ही मेरी चूत में लंड घुसा दिया।
मैंने मुँह पर हाथ रख लिया ताकि चीख न निकल जाए। बस 4-5 मिनट की तेज़ चुदाई में उन्होंने अंदर ही झड़ दिया और हम अलग हो गए। मेरी चूत से उनका वीर्य टपकता हुआ मैं वापस अंदर चली गई।
रातें अब और भी खतरनाक हो गई थीं।
एक खास रात मुझे याद है। मम्मी-पापा शादी में गए हुए थे और सुबह लौटने वाले थे। पूरा घर हमारा था। मैंने विनय को कहा, “आज पूरी रात मैं तुम्हारी हूँ। जो मन करे करो।”
विनय ने मुस्कुराकर कहा, “ठीक है। तैयार हो जा।”
मैंने सबसे सेक्सी ब्लैक लेस लिंगरी पहनी। चूचियों को barely कवर करने वाली ब्रा, और नीचे सिर्फ़ एक स्ट्रिंग जो मेरी गांड़ के बीच में गायब थी। बाल खुले, मेकअप किया, शरीर पर हल्का परफ्यूम लगाया।
जब विनय कमरे में आए तो उन्होंने मुझे देखा और एकदम मुझे दीवार से सटा दिया। उन्होंने मेरी ब्रा खींचकर उतार दी और चूचियों को जोर-जोर से मसलने लगे।
निप्पल्स को चूसा, काटा, फिर नीचे झुककर मेरी चूत चाटने लगे। उनकी जीभ मेरे क्लिटोरिस पर घूम रही थी। मैं दीवार का सहारा लेकर चीख रही थी।
“भैया… आह… चाटो… और जोर से… मैं झड़ने वाली हूँ…” ये Antarvasna वाली Bhai Bahan Aur GF Ki Hindi Sex Story आप गरम कहानी डॉट कॉम पर पढ़ रहे हैं!
मैंने पहली बार उनकी जीभ पर झड़ दिया। मेरे रस से उनका मुँह चमक रहा था।
फिर उन्होंने मुझे उठाकर बेड पर पटक दिया। पहले उन्होंने मुझे मिशनरी में चोदा। लंड पूरी गहराई तक घुसा रहे थे। फिर डॉगी स्टाइल में। मेरी गांड़ पर थप्पड़ मार-मारकर लाल कर दी।
फिर उन्होंने मुझे ऊपर उठाया और स्टैंडिंग पोज़िशन में चोदा। मेरी टाँगें उनकी कमर पर लिपटी हुई थीं।
उस रात उन्होंने मुझे चार बार चोदा – दो बार चूत में, एक बार मुंह में और एक बार गांड़ में। हर बार जब वो झड़ते, मैं महसूस करती कि उनका गर्म वीर्य मेरे अंदर भर रहा है।
आखिरी राउंड में मैंने कहा, “भैया… आज मैं तुम्हारे ऊपर सवार होना चाहती हूँ… और तुम्हें पूरी रात कंट्रोल करना चाहती हूँ।”
विनय लेट गए। मैं उनके ऊपर चढ़ गई। लंड को अपनी चूत में उतारा और धीरे-धीरे हिलने लगी। मेरी चूचियाँ उनके चेहरे के ऊपर उछल रही थीं। वो उन्हें चूस रहे थे। मैं तेज़-तेज़ कमर हिला रही थी।
“आह… भैया… तुम्हारा लंड… मेरी चूत में… कितना परफेक्ट फिट होता है… आह… मैं हमेशा तुम्हारी रहूँगी…”
विनय ने मेरी कमर पकड़ ली और नीचे से तेज़ धक्के देने लगे। हम दोनों साथ-साथ झड़ गए। मेरी चूत ने उनका पूरा वीर्य पी लिया।
सुबह होने से पहले हम नहाए। एक-दूसरे को साबुन लगाया, एक-दूसरे को चूमा, फिर एक बार फिर से शावर के नीचे खड़े-खड़े चुदाई कर ली।
अब हमारा रिश्ता और भी गहरा हो गया था।
करीना के साथ विनय का अफेयर जारी था, लेकिन वो अब शारीरिक रूप से बहुत कम हो पाता था। करीना कभी-कभी शिकायत करती कि विनय उसे टच नहीं करता। मैं मन ही मन हँसती।
कई बार हम तीनों साथ भी सोए। एक रात करीना बेहोश हो गई तो विनय ने मुझे उसके सामने ही चोदा। करीना सो रही थी और हम बगल में चुदाई कर रहे थे। वो दृश्य बहुत उत्तेजक था।
अब मेरी चूत और गांड़ दोनों पूरी तरह विनय के लंड की आदी हो चुकी थीं। मैं बिना उनके लंड के एक रात भी नहीं सो पाती। कभी-कभी तो ऑफिस से लौटते ही वो मुझे बुलाते और मैं तुरंत उनके कमरे में चली जाती।
एक दिन मैंने उनसे कहा, “भैया… अब हम कभी अलग नहीं होंगे ना?”
विनय ने मुझे गले लगाया और बोले, “कभी नहीं जनवी। तू मेरी बहन है, लेकिन अब मेरी औरत भी है। तेरी चूत, तेरी गांड़, तेरे होंठ – सब मेरे हैं।”
मैंने उनकी छाती में सिर छुपा लिया और मन ही मन सोचा – ये इंसेस्ट रिश्ता चाहे जितना गलत हो, लेकिन मेरे लिए ये सबसे सुंदर और सबसे गर्म रिश्ता है।
विनय ने मुझे और भी कसकर गले लगा लिया। उनकी चौड़ी छाती से मेरी नंगी चूचियाँ दब रही थीं। उनकी गरम साँसें मेरे कान के पास आ रही थीं। मैंने आँखें बंद कर लीं और उनकी छाती में अपना चेहरा और गहराई से छुपा लिया।
उनके घने बाल मेरे गालों को खुजला रहे थे।
“कभी नहीं जनवी… तू मेरी बहन है, लेकिन अब मेरी औरत भी है। तेरी चूत, तेरी गांड़, तेरे होंठ – सब मेरे हैं।”
उनके ये शब्द सुनकर मेरी चूत फिर से सिकुड़ गई। अभी कुछ मिनट पहले ही हमने शावर के नीचे चुदाई की थी, फिर भी मेरे अंदर नई आग जल उठी। मैंने धीरे से उनकी छाती चूम ली और फुसफुसाई,
“हाँ भैया… सब तुम्हारा है। जितना चाहो ले लो… मैं हमेशा तुम्हारी रहूँगी।” ये Family k bhai bahan ki Antarvasna Sex Story आप Garamkahani.com पर पढ़ रहे हो।
हम दोनों नंगे ही बिस्तर पर लेट गए। विनय ने मुझे अपनी बाँहों में समेट लिया। उनकी एक टाँग मेरी जाँघों पर रखी हुई थी। उनका लंड अभी भी आधा खड़ा होकर मेरी जाँघ से सटा हुआ था।
हम कुछ देर चुपचाप लेटे रहे। बाहर अंधेरा घना हो चुका था। मम्मी-पापा अभी भी शादी से नहीं लौटे थे। पूरा घर सिर्फ हमारे लिए था।
थोड़ी देर बाद विनय ने मेरे बालों में उँगलियाँ फिराते हुए कहा, “जनवी, आज रात मैं तुझे और भी गहराई से जानना चाहता हूँ। सिर्फ चुदाई नहीं… तेरी हर इच्छा, तेरी हर प्यास…”
मैंने शरमाते हुए उनकी आँखों में देखा। “भैया… मुझे भी तुम्हारी हर चीज चाहिए। तुम्हारा लंड, तुम्हारा मुँह, तुम्हारे हाथ… और तुम्हारा वो मर्दाना प्यार जो सिर्फ मुझे मिलता है।”
विनय मुस्कुराए। उन्होंने मुझे पलटा और अब मैं उनके ऊपर थी। मेरी चूचियाँ उनकी छाती पर दब रही थीं। उन्होंने मेरी कमर पर हाथ रखा और धीरे-धीरे नीचे सरकाते हुए मेरी गांड़ को सहलाने लगे।
उनकी उँगलियाँ मेरी गांड़ की दरार में घुस रही थीं।
“आज मैं तेरी गांड़ को और भी अच्छे से तैयार करूँगा…” उन्होंने फुसफुसाया।
मैंने हामी भरी। विनय ने बेडसाइड ड्रॉअर से लुब्रिकेंट की बोतल निकाली। पहले उन्होंने खूब सारा जेल अपनी उँगलियों पर लिया और मेरी गांड़ के टाइट छेद पर धीरे-धीरे मलने लगे। एक उँगली धीरे से अंदर घुसाई। मैंने आह भरी।
“आराम से भैया… लेकिन मत रुकना…”
धीरे-धीरे उन्होंने दो उँगलियाँ अंदर डाल दीं। मेरी गांड़ अब ढीली होने लगी थी। फिर उन्होंने जेल उनके लंड पर भी लगाया। अब उनका लंड पूरा खड़ा हो चुका था – 9 इंच का मोटा, नसों वाला राक्षस।
मैं घुटनों के बल हो गई, गांड़ ऊपर की और सिर बिस्तर पर टिका दिया। विनय मेरे पीछे आ गए। उन्होंने मेरी कमर पकड़ी और सुपाड़ा गांड़ के छेद पर रखा।
“साँस ले… रिलैक्स कर…”
धीरे-धीरे दबाव बढ़ाया। सुपाड़ा अंदर घुसा। मैंने दाँत भींच लिए। दर्द था, लेकिन वो मीठा दर्द था। आधा लंड अंदर चला गया। विनय रुके रहे। फिर धीरे-धीरे पूरा लंड मेरी गांड़ में उतार दिया।
“आआह… भैया… पूरा… अंदर… उफ्फ!”
अब उन्होंने धीमी गति से चोदना शुरू किया। हर धक्के के साथ मेरी गांड़ फूल रही थी। कुछ मिनट बाद दर्द पूरी तरह सुख में बदल गया। मैंने खुद कमर हिलानी शुरू कर दी।
“तेज़ भैया… अपनी बहन की गांड़ जोर से चोदो… आह… हाँ…!”
विनय की रफ्तार बढ़ गई। अब कमरा थप-थप-थप की आवाज़ से गूँज रहा था। उनकी जाँघें मेरी गांड़ से जोर-जोर से टकरा रही थीं। उन्होंने एक हाथ आगे बढ़ाकर मेरी चूत में दो उँगलियाँ डाल दीं। अब दोनों तरफ़ से उत्तेजना हो रही थी।
मैं पहली बार गांड़ चुदाई के दौरान झड़ गई। मेरी चूत से रस की फुहार निकली और बेड गीला हो गया। विनय रुके नहीं। उन्होंने मुझे पलटा, मेरे पैर अपने कंधों पर रखे और मिशनरी स्टाइल में गांड़ में ही लंड घुसा दिया। अब उनकी आँखें मेरी आँखों में थीं।
“देख… देख मेरी आँखों में… जबकि मैं तेरी गांड़ फाड़ रहा हूँ…” ये Desi Sex वाली Vargin Sister Hindi Sex Kahani आप Garamkahani.com पर पढ़ रहे हो।
मैं उनकी आँखों में देखते हुए चीख रही थी, “भैया… मैं तुम्हारी हूँ… चोदो… फाड़ दो मेरी गांड़… आआह!”
विनय ने मेरे होंठ चूस लिए। उनकी जीभ मेरी जीभ से लड़ रही थी। उनकी चुदाई और तेज़ हो गई। 10 मिनट बाद उन्होंने गरजते हुए अपना गर्म वीर्य मेरी गांड़ की गहराई में छोड़ दिया।
फुहारें इतनी ज़ोरदार थीं कि मुझे लगा मेरी गांड़ भर गई है।
जब उन्होंने लंड निकाला तो मेरी गांड़ से सफ़ेद वीर्य बाहर निकलकर जाँघों पर बहने लगा। मैं हाँफ रही थी। विनय ने मुझे गले लगा लिया और मेरे माथे पर किस किया।
“तू कमाल की है जनवी… मेरी सबसे प्यारी रखैल…”
हम कुछ देर ऐसे ही लेटे रहे। फिर विनय उठे और मुझे गोद में उठाकर बाथरूम ले गए। हमने साथ नहाया। उन्होंने मुझे साबुन लगाया, मेरी चूचियों को नरम हाथों से धोया, मेरी गांड़ को जेल से साफ किया।
मैंने भी उनका लंड हाथ में लेकर धोया और हल्का-हल्का सहलाया।
नहाने के बाद हम वापस बेड पर आए। अब थोड़ी देर आराम करने के बाद विनय ने मुझे अपनी गोद में बिठा लिया। उनका लंड फिर से खड़ा हो रहा था। मैंने उसे अपनी चूत में उतारा और धीरे-धीरे हिलने लगी।
इस बार चुदाई बहुत धीमी और रोमांटिक थी। हम एक-दूसरे को चूम रहे थे, आँखों में आँखें डाले हुए।
“जनवी… मैं तुझे कभी नहीं छोड़ूँगा। चाहे दुनिया कुछ भी कहे…”
मैंने उनकी गर्दन में हाथ डालकर कहा, “मैं भी नहीं छोड़ूँगी भैया… ये रिश्ता हमारा है… हमारा गुप्त, गर्म और प्यारा रिश्ता।”
रात भर हम कई बार एक-दूसरे से लिपटे, चोदे, चूमे और झड़े। सुबह होने से ठीक पहले हम थककर सो गए।
जब सुबह मम्मी-पापा लौटे तो हम दोनों अलग-अलग कमरों में सो रहे थे। बाहर से सब नॉर्मल था। लेकिन अंदर हम दोनों जानते थे कि अब हमारा रिश्ता और भी मजबूत हो गया है।
अगले कुछ दिनों में हमने और भी प्लान बनाए। कभी होटल में एक रात बिताने का, कभी बाहर घूमने का बहाना करके एक दिन पूरा साथ बिताने का। करीना को भी हम कभी-कभी शामिल कर लेते, लेकिन ज्यादातर वक्त हम सिर्फ दो ही रहना पसंद करते।
मेरी चूत और गांड़ अब विनय के लंड की पूर्ण मालकिन बन चुकी थीं। और विनय… वो अब सिर्फ मेरा भाई नहीं, मेरा मालिक, मेरा प्रेमी और मेरा सबसे बड़ा वासना का स्रोत बन चुका था।
ये इंसेस्ट कहानी अब और भी गहरी, और भी गर्म होती जा रही थी… और हम दोनों इसमें खो जाना चाहते थे।
तो दोस्तों यह Hindi Chudai Ki Kahani कैसे लगी जिसमे Bhai Ki Gf Aur Sister दोनों चुद गई? कॉमेंट करके जरूर बताए!
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