रिया बहन की टाइट गांड में भाई का मोटा लंड!
Family Sex : मैथ्स पढ़ाते-पढ़ाते भाई ने गलती से छुआ, फिर जानबूझकर बहन की चूत फाड़ दी! 18 साल की रिया रोते-रोते झड़ गई, रात भर भाई का मोटा लंड उसकी टाइट चूत में!
मैं रोहन हूँ, 21 साल का कॉलेज स्टूडेंट। उस रात घर में सिर्फ मैं और मेरी 18 साल की बहन रिया थे। मम्मी-पापा तीन दिन की रिश्तेदारी में गए थे।
रिया अपने कमरे में बिस्तर पर लेटी मैथ्स की किताब पढ़ रही थी। उसकी पतली पिंक नाइट सूट में उसके युवा स्तन और जांघें साफ नजर आ रही थीं।
मैं बाहर से आया और दरवाजा खटखटाया। “रिया, मैथ्स की कोई प्रॉब्लम है तो बता, मैं समझा दूं?
” मैंने मुस्कुराकर कहा।
रिया ने किताब आगे बढ़ाई और बोली, “हां भैया, ये वाला चैप्टर बहुत मुश्किल लग रहा है। ” वह बिस्तर पर सीधी होकर बैठ गई, नाइट सूट थोड़ा ऊपर सरक गया।
मैं उसके बगल बैठ गया। किताब मेरी गोद में रखी और कलम उसके हाथ में थमाई। मेरी उंगली गलती से उसकी जांघ पर टच हो गई।
रिया एकदम सिहर उठी। उसकी सांस थोड़ी तेज हो गई, पर वह कुछ नहीं बोली, बस किताब पर नजरें गड़ाए रही।
मैंने बहाने से फिर से उंगली फेर दी। “देख, इस सवाल में ऐसे सॉल्व करेंगे…” मैंने कहा और जानबूझकर उसकी कमर पर हाथ रख दिया।
रिया की आंखें नीची हो गईं। “भैया… हाथ हटाओ ना…” उसकी आवाज कांप रही थी, पर हाथ नहीं हटाया उसने। मैंने धीरे से उसकी कमर सहलानी शुरू की। उंगलियां पीठ पर ऊपर-नीचे करने लगा, जैसे कोई मसाज दे रहा हूं।
रिया ने किताब बंद कर दी। उसकी सांसें अब भारी हो रही थीं, स्तन ऊपर-नीचे हो रहे थे। मैंने उसके कान के पास मुंह ले जाकर फुसफुसाया। “रिया… तू आज बहुत सुंदर लग रही है… टेंशन मत ले।
रिया शरमा गई। “भैया… ये क्या बोल रहे हो… हम भाई-बहन हैं…” उसने विरोध किया, पर शरीर मेरी तरफ झुक रहा था।
मैंने उसकी गर्दन पर हल्का किस किया। रिया की आंखें बंद हो गईं, एक हल्की “उम्म…” निकली। Hindi sex stories: Cousin ki shaadi mein wild chudai – exclusive GaramKahani.com pe.
मैंने उसकी टी-शर्ट के नीचे हाथ डाल दिया। मुलायम पेट पर उंगलियां फेरने लगा, धीरे-धीरे ऊपर की तरफ बढ़ता हुआ।
रिया ने मेरे हाथ पकड़ लिए। “प्लीज भैया… मत करो… डर लग रहा है…” उसकी आवाज में डर और उत्सुकता दोनों थी।
मैंने जबरदस्ती ब्रा के नीचे हाथ डाला। उसके गुलाबी निप्पल्स कड़े हो चुके थे, मैंने हल्के से दबाया।
“आह्ह… भैया… दर्द हो रहा है…” रिया की पहली सिसकारी निकली। उसके हाथ अब विरोध कम कर रहे थे।
मैंने टी-शर्ट ऊपर करके ब्रा खोल दी। उसके गोरे-गोरे स्तन बाहर आ गए, निप्पल्स तने हुए। मैंने एक स्तन मुंह में लिया। धीरे-धीरे चूसने लगा, जीभ से घुमाते हुए।
“उफ्फ्फ… भैया… कितना अच्छा लग रहा है… आह्ह…” रिया कराह रही थी। उसके हाथ मेरे बालों में फंस गए, खींचने लगी।
मैंने दूसरा स्तन दबाया। रिया का शरीर अब मेरे साथ ताल मिला रहा था। मैंने उसकी शॉर्ट्स का नाडा खोला। धीरे से नीचे सरकाया, पैंटी गीली हो चुकी थी।
रिया ने पैर बंद करने की कोशिश की। “भैया… वहां मत छुओ… शर्म आ रही है…” उसने कहा।
मैंने जबरदस्ती पैर खोले। पैंटी पर उंगली फेरी, चूत से रस टपक रहा था।
“देख रिया… तू कितनी गीली हो गई है…” मैंने कहा। उसकी आंखें शरम से बंद हो गईं। मैंने पैंटी उतार दी। उसकी चिकनी, गुलाबी चूत मेरे सामने थी।
मैंने उंगली अंदर डाली। रिया की कमर उठ गई, “आह्ह्ह… भैया… अंदर… धीरे…” वह कराही।
मैंने उंगली अंदर-बाहर करने लगा। रिया की सिसकारियां तेज हो गईं। मैंने अपनी शॉर्ट्स उतारी। मेरा 7 इंच का मोटा लंड खड़ा था, नसें फूली हुईं।
मैंने रिया का हाथ पकड़कर लंड पर रखा। उसने पहली बार छुआ, कांपते हाथों से सहलाने लगी।
“भैया… ये कितना गर्म और सख्त है…” रिया ने फुसफुसाया। उसकी आंखों में अब डर कम, चाहत ज्यादा थी। मैंने रिया को लिटाया। लंड को चूत के मुंह पर रगड़ने लगा।
“भैया… डालोगे तो बहुत दर्द होगा… मैं वर्जिन हूं…” रिया ने मिन्नत की। पर उसकी चूत खुद लंड की तरफ उठ रही थी।
मैंने धीरे से सिरा अंदर डाला। “आआआह्ह्ह्ह… भैया… फाड़ रहा है… रुक जाओ…” रिया चीखी। खून की हल्की बूंद निकली। मैं रुका, फिर धीरे-धीरे पूरा अंदर धकेला।
रिया की आंखों में आंसू थे। पर कुछ देर बाद उसकी सिसकारियां बदल गईं।
“अब… अच्छा लग रहा है भैया… धक्के मारो…” वह कराही। मैंने धीरे-धीरे धक्के शुरू किए।
हर धक्के के साथ रिया की चूत मेरे लंड को कसकर पकड़ रही थी। “हां भैया… और जोर से… चोदो अपनी बहन को…” उसकी मोअनिंग बढ़ गई।
मैंने रफ्तार बढ़ाई। उसके स्तन उछल रहे थे, कमरे में ठप-ठप की आवाज गूंज रही थी। ये Hot & Nonveg Story Based Family Sex Story आप Garam Kahani पर पढ़ रहे है।
“ओह्ह्ह… भैया… मैं झड़ रही हूं… आह्ह्ह्ह!!! ” रिया चिल्लाई। उसकी चूत सिकुड़ गई, रस बहने लगा।
मैं रुका नहीं। “रिया… अब मैं भी… अंदर डाल रहा हूं…” मैंने जोर का झटका मारा। गर्म वीर्य उसकी चूत में भर गया। हम दोनों हांफते हुए एक-दूसरे से लिपट गए।
कुछ देर बाद मैंने फिर से लंड अंदर डाला। इस बार रिया ने खुद कमर हिलानी शुरू की।
“भैया… और जोर से… फाड़ दो मेरी चूत…” वह चीख रही थी। मैंने doggy स्टाइल में किया, पीछे से जोरदार ठुकाई।
रिया की गांड हिल रही थी। “आह्ह्ह… हां… गांड पर थप्पड़ मारो भैया…” उसने कहा। मैंने थप्पड़ मारे। रिया और पागल हो गई।
तीसरी बार हमने मिशनरी में किया। रिया ने मेरे ऊपर चढ़कर राइड किया, स्तन उछालते हुए।
“भैया… मैं फिर झड़ रही हूं… आआआह्ह्ह!!! ” वह चीखी। मैंने भी अंदर ही झड़ दिया।
सुबह तक हम चार बार चोद चुके थे। रिया अब शरमा नहीं रही थी, बल्कि मांग रही थी।
अब हर रात जब घर खाली होता है… मैं अपनी बहन की चूत में अपना लंड डालता हूं।
ये सिलसिला कभी रुकेगा नहीं… बल्कि और गहरा, और खतरनाक होता जाएगा।
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बहन की गांड में भाई का पहला धक्का :-
उस रात के बाद से हमारी जिंदगी पूरी तरह बदल गई थी। पहली रात मैंने रिया की चूत फाड़ी थी – मेरी १८ साल की छोटी बहन, जो अब मेरी गर्म चुदाई की दीवानी बन चुकी थी।
मम्मी-पापा अभी भी तीन दिन के लिए गांव में थे। घर में सिर्फ हम दो थे, और वो दो दिन अब हमारे लिए जन्नत बन चुके थे।
दूसरी रात। डिनर के बाद रिया ने खुद मेरे कमरे में आकर दरवाजा बंद किया। उसने एक हल्की पिंक नाइट गाउन पहना था – इतना पतला कि उसकी गोरी जांघें और गांड की गोलाई साफ नजर आ रही थी।
नीचे कुछ नहीं था। वो मेरे बिस्तर पर लेट गई, पैर थोड़े फैलाए, और शरमाते हुए मुस्कुराई। Bhai Behan Ki Chudai Ki Kahani aap GaramKahani.com par padh rahe hain.
“भैया… आज कुछ नया ट्राई करें?” उसकी आवाज में शरम और उत्तेजना दोनों थी। उसकी आंखें मेरे लंड की तरफ झांक रही थीं। मैं समझ गया। वो चाहती थी कि मैं उसकी गांड मारूँ।
लेकिन मैंने जानबूझकर धीरे-धीरे आगे बढ़ना चाहा।
मैं उसके पास गया, उसे गोद में उठाकर अपनी गोद में बिठाया। “पहले तेरी चूत को गर्म कर लेते हैं ना, फिर तेरी वो टाइट गांड की प्यास बुझाऊंगा।”
मैंने उसके कान में फुसफुसाते हुए कहा और उसके होंठों पर किस किया। रिया ने मेरी टी-शर्ट उतार दी, मेरे सीने पर किस करने लगी।
उसके नरम होंठ मेरी त्वचा पर फिर रहे थे। फिर नीचे झुककर उसने मेरी शॉर्ट्स खींच दी। मेरा ७ इंच का मोटा लंड पहले से ही खड़ा था, नसें फूली हुईं।
रिया ने उसे दोनों हाथों में पकड़ा। “भैया… आज भी इतना गर्म और सख्त है…” उसने शरमाते हुए कहा और मुंह खोलकर सिरा चूसने लगी। उसकी गर्म जीभ लंड के चारों तरफ घूम रही थी।
वो धीरे-धीरे गले तक ले जा रही थी, कभी-कभी उल्टी कर रही थी लेकिन फिर भी चूसती जा रही थी। मैंने उसके बाल पकड़ लिए और हल्के धक्के देने लगा। “हाँ रिया… चूस ले अपनी भैया के लंड को… अच्छी बहन है तू…”
रिया की सांसें तेज हो गईं। वो खुद भी गीली हो रही थी। मैंने उसे उल्टा लिटाया। गाउन को कमर तक ऊपर किया।
उसकी गोरी-गोरी गांड मेरे सामने थी – दो गोल, मुलायम, टाइट गाल, बीच में छोटा सा गुलाबी छेद जो कभी किसी ने नहीं छुआ था। मैंने दोनों गाल फैलाए। रिया थोड़ा सिहर गई।
“भैया… वहां मत देखो ना… शर्म आ रही है…” उसने हल्के से विरोध किया, लेकिन उसके पैर खुद-ब-खुद थोड़े और फैल गए।
मैंने मुंह झुकाया और जीभ निकालकर गांड के छेद पर फेरी। गर्म, थोड़ा नमक वाला स्वाद। रिया की कमर उठ गई।
“आह्ह्ह… भैया… क्या कर रहे हो… वहां… गुदगुदी हो रही है… उफ्फ…” उसकी आवाज कांप रही थी। मैंने पूरी जीभ से चाटना शुरू किया – ऊपर से नीचे, फिर छेद के अंदर घुमाने लगा।
रिया की चूत से रस टपक-टपक कर गिर रहा था। वो अब विरोध कम कर रही थी, बल्कि गांड हिला रही थी।
“भैया… अच्छा लग रहा है… लेकिन… डर भी लग रहा है…”
मैंने उंगली पर थूक लगाया और धीरे से गांड के छेद पर रखी। सिर्फ सिरा। रिया ने चादर पकड़ ली। “नहीं भैया… उंगली भी मत डालो… दर्द होगा…” उसकी आंखों में डर था, लेकिन उसकी चूत और भी गीली हो गई थी।
मैंने धीरे से अंदर दबाया – सिर्फ पहली उंगली। अंदर बहुत टाइट था, गर्म। रिया चीखी – “आआह्ह… भैया… निकालो ना… बहुत टाइट है…”
लेकिन मैं रुका नहीं। उंगली अंदर-बाहर करने लगा, धीरे-धीरे। थूक लगाकर दूसरी उंगली भी डाल दी। अब दो उंगलियां उसकी गांड में घुस रही थीं।
रिया का शरीर कांप रहा था। “उफ्फ्फ… दर्द हो रहा है भैया… लेकिन… अंदर कुछ अच्छा भी लग रहा है… हाँ… धीरे…” उसकी आवाज अब कराह में बदल रही थी। वो खुद कमर पीछे की तरफ धकेलने लगी।
मैंने उंगलियां तेज कीं। “देख रिया… तेरी गांड कितनी टाइट है… मेरे लंड को तो फाड़ देगी… तू तैयार है ना?”
रिया ने सिर हिलाया, आंखें बंद। “भैया… मैं वर्जिन हूं वहां… बहुत डर लग रहा है… आपका लंड इतना मोटा है… फट जाएगी मेरी गांड…” उसने मिन्नत की, हाथ से मेरी उंगलियां पकड़ने की कोशिश की।
लेकिन उसकी चूत से रस बह रहा था, गांड खुद उंगलियों को अंदर खींच रही थी। Desi sex kahani continue hai... GaramKahani.com par comment karo kaisi lagi! 🔥
मैंने उंगलियां निकालीं। लंड पर ढेर सारा थूक लगाया। रिया को कुत्ते की तरह घुटनों पर बिठाया। उसकी गोरी गांड ऊपर थी, छेद अब थोड़ा ढीला हो गया था। मैंने लंड का सिरा गांड के मुंह पर रखा।
“भैया… प्लीज… रुक जाओ… अभी मत… बहुत दर्द होगा…” रिया रोने लगी, लेकिन उसका शरीर मेरे लंड की तरफ झुक रहा था। मैंने धीरे से दबाया। सिरा अंदर गया।
“आआआह्ह्ह्ह!!! भैया… बहुत मोटा है… फाड़ रहा है… निकालो ना… प्लीज भैया…” रिया चीखी, आंसू निकल आए। उसके हाथ चादर को इतने जोर से पकड़े कि नाखून गड़ गए।
मैं रुका, उसके बाल सहलाए। “शांत हो जा रिया… बस थोड़ा सा… फिर पूरा मजा आएगा… तू मेरी बहन है, मैं तेरी गांड को प्यार से चोदूंगा…”
धीरे-धीरे मैंने आधा लंड अंदर डाला। रिया की सांसें फूल रही थीं। “हाँ… और अंदर… लेकिन धीरे… आह्ह… भैया… तूने बहन की गांड फाड़ दी…”
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