मम्मी की बड़े लंड वाले नीग्रो से चुदने की कहानी!

Hot Mom Nigro Sex Story : एक दिन मैंने अपनी मम्मी को एक पड़ोसी के साथ Chudai की तैयारी करते देखा, फिर उसे ब्लैक मेल करके Nigro से उसकी चुत और गांड चुदवाई! 


दोस्तो, मैंने इस कहानी में अपना नाम राहुल है, वैसे मेरा असली नाम कुछ और ही है।


मेरे घर में हम 3 लोग ही हैं, मैं, मम्मी और पापा।


यह एक सच्ची सेक्स घटना है! यह हॉट मॅाम नीग्रो सेक्स कहानी तब की है, जब मैं कॉलेज में था।


उस वक्त मेरी मम्मी को सेक्स का भरपूर मज़ा नहीं मिल रहा था, इसका कारण था कि पापा ड्यूटी की वजह से बाहर रहते थे और घर में मम्मी को लंड का स्वाद ही नहीं मिल रहा था।


एक दिन मैंने मम्मी को हमारे किरायेदार के साथ चुत चुदवाते हुए देख लिया था।


हुआ यूं था कि मम्मी का हमारे किरायेदार के साथ टांका भिड़ गया था, किराएदार एक 40 साल के आस-पास का आदमी था।


वह हमारे यहां मम्मी को इंग्लिश की ट्यूशन पढ़ाने भी आता था जिस वजह से मम्मी की उससे बातचीत बढ़ने लगी थी।


धीरे धीरे उन दोनों में दोस्ती हो गयी और उन्होंने आपस में एक दूसरे के फोन नंबर भी बदल लिए।


फोन नंबर बदले तो व्हाट्सैप पर मैसेज भी होने लगे। मम्मी को भी उस वक्त किसी मर्द का सहारा चाहिए था और उन्हें लंड की भूख भी थी।


बस उन्होंने उसे अपनी सारी बातें बताना शुरू कर दीं। वे दोनों ट्यूशन ख़त्म होने के बाद लॉन में बैठे रहते और हंसी मजाक करते रहते थे।


दोनों एक दूसरे की कंपनी को एंजाय करने लगे थे। उनकी नज़दीकियां बढ़ती गईं।


एक दिन मैंने देखा कि मम्मी खड़ी थीं उसी वक्त टीचर आया और उसने मम्मी के चूतड़ों पर हाथ फेर कर ‘हैलो भाभी जी’ कहा और हँसता हुआ आगे बढ़ गया।


मम्मी ने उससे कुछ नहीं कहा बल्कि वे भी हंस कर उसकी बात का जवाब देने लगीं, इससे उसकी हिम्मत बढ़ गयी।


अगले दिन उसने फिर से मम्मी के चूतड़ों को हाथ लगाया, मम्मी उसे देख कर मुस्कुराने लगीं। ये xxx Antarvasana Desi Sex Story आप Garamkahani.com पर पढ़ रहे है।


फिर जब ट्यूशन ख़त्म हुई, तब उसने मम्मी के नजदीक आकर उनके चूतड़ों को जोर से दबा दिया, मम्मी को भी इस सब में मजा आने लगा था।


उसने धीरे से मम्मी से कहा- भाभी जी, बहुत दिन हो गए आपसे बात करते करते … आज तो मैं आपको अन्दर से देखना चाहता हूँ!


मम्मी- नहीं, आज नहीं … आज मेरा बेटा आने वाला होगा, कल आप जल्दी आना, उस वक्त मेरा बेटा कॉलेज में रहता है।


टीचर- ठीक है भाभी जी, कंडोम का फ्लेवर कौन सा लाऊं?


मम्मी- नहीं नहीं, उसकी ज़रूरत नहीं है। मेरा ऑपरेशन हो गया है!


टीचर- ओके।


यह कह कर वह निकल गया।


मैं यह सब सुन रहा था क्योंकि मैं दूसरे दरवाजे से अन्दर आ गया था और उन दोनों में से किसी को पता भी नहीं चला था।


दरअसल मैं किचन में कुछ खाने के लिए देख रहा था और बाहर ये सब वार्तालाप चल रहा था।


अगले दिन किराएदार टीचर 11 बजे ही घर आ गया, उस वक्त मैं कॉलेज के लिए निकल ही रहा था।


मैं- आज जल्दी आ गए सर!


टीचर- हाँ बच्चों के एग्जाम चल रहे हैं, तो केवल एक्स्ट्रा क्लास चल रही है।


मैं- ओके।


यह कह कर मैं चला गया।


लेकिन मैंने घर में सभी जगह वॉइस एनेबल वाले कैमरे सैट कर दिए थे। जो की मैंने पिछले ही महीने लिए थे, उसकी मदद से मैं लाइव टेलीकास्ट अपने फोन पर देख सकता था।


मैं घर से निकल कर पास के एक गार्डन में बैठ गया और फोन चालू करके लाइव सेक्स देखने लगा।


मास्टर शायद पहले अपने कमरे में गया होगा और उधर सामान आदि रख कर वह नीचे आ गया। उसने बेल बजाई, मुझे कैमरे में सिर्फ आवाज सुनाई दी।


मम्मी ने ‘आती हूँ’ कहा और वे दरवाजा खोलने चली गईं, फिर उन्होंने जल्दी से उस टीचर को अन्दर घुसा लिया।


मम्मी उससे लिपट गईं और वे उसे वहीं फर्श पर धक्का देकर उस पर चढ़ गईं।


उस दिन मम्मी ने पीले रंग की साड़ी, पीले रंग का ब्लाउज और काले रंग का पेटीकोट पहना हुआ था।


उनके बाल खुले हुए थे और मंगलसूत्र भी पहना हुआ था, वे बहुत ही सुंदर लग रही थीं।


मम्मी उसके ऊपर बैठ गईं और किस करने लगीं। ये Family Mom Son ki Desi Xxx Sex Story आप Garamkahani.com पर पढ़ रहे हो।


दोनों एक दूसरे के कपड़े उतारने लगे, टीचर की शर्ट मम्मी ने उतार दी और वे उसके सीने पर कड़क हो चुके निप्पल को काटने लगीं।


टीचर ने मम्मी की साड़ी ऊपर की और गांड को दबाने लगा, मैंने देखा कि मेरी मम्मी की गांड बहुत सॉफ्ट और मोटी है।


कुछ ही पलों बाद मम्मी से रहा ना गया और उन्होंने खुद अपने हाथ से टीचर की उंगली को पकड़ कर अपनी गांड में डाल दी और उहह उहह करने लगीं।


फिर मम्मी ने टीचर की पैंट उतारी और चड्डी के ऊपर से ही उसका लंड चाटने लगीं।


टीचर ने उत्तेजित होकर मम्मी का ब्लाउज फाड़ दिया, अपना ब्लाउज फाड़े जाने से मम्मी गुस्से में आ गईं और मम्मी उसके लंड के टोपे को काटने लगीं।


साले मादरचोद मेरे ब्लाउज को क्यों फाड़ा?’


यह कह कर मम्मी ने टीचर के लंड को पुनः काट दिया। टीचर को दर्द हुआ और वह सॉरी बोलने लगा।


मम्मी- भोसड़ी वाले कपड़े फाड़े ना … तो मैं तेरा लंड खा जाऊंगी।


टीचर- सॉरी भाभी जी! वह जोश में हो गया।


मम्मी- पहले मुझे गर्म कर … फिर चाहे फाड़ देना कपड़े।


यह सुनते ही उसने मम्मी को फर्श पर लिटाया और मम्मी की चुत चाटने लगा।


मम्मी गर्म होने लगीं, उनकी चुत से पानी आने लगा।


मम्मी की साड़ी उतर चुकी थी, वह फर्श पर पड़ी थी।


अब टीचर मम्मी की चड्डी उतारने लगा, ब्रा मम्मी ने खुद ही उतार दी थी। टीचर केवल चड्डी में था और मम्मी पूरी नंगी थीं।


टीचर ने मम्मी को घोड़ी बनने के लिए कहा तो वे फर्श पर घोड़ी बनने लगीं।


फर्श उनके घुटने में चुभने लगा, तो मम्मी ने उठ कर बेडरूम का इशारा कर दिया, वे दोनों अन्दर आ गए।


अब Hot Mom बेड पर घोड़ी बनी हुई थीं और टीचर लंड घुसेड़ने ही वाला था कि तभी बेल बज गयी और वे दोनों घबरा गए।


बेल मैंने ही बजाई थी क्योंकि मैं नहीं चाहता था कि मम्मी किसी से भी चुदवाने लगें! वे दोनों घबरा गए और जल्दी जल्दी से कपड़े पहनने लगे।


मम्मी ने ऊपर से बस गाउन पहन लिया और अन्दर से वे पूरी नंगी थीं, जबकि टीचर शर्ट और पैंट पहन कर तैयार हो गया।


मम्मी ने उसको दूसरे गेट से बाहर भगा दिया।


मैं अन्दर आया तो देखा मम्मी की साड़ी, पैंटी, ब्रा, ब्लाउज पेटीकोट आदि फर्श पर पड़े हुए हैं। मम्मी जल्दी जल्दी में इनको उठा कर रखना भूल गयी थीं।


मैं- ये सब क्या है?


मम्मी- अरे वह कपड़े सूखने डालने जा रही थी।


मैं- ये तो सूखे हुए हैं!


मम्मी- हां वह धूप लगानी थी कपड़ों में न!


मैं- पैंटी पर सिलवटें हैं, ब्लाउज फटा हुआ है और ब्रा भी अस्त व्यस्त है।


इतना बोलते ही मम्मी मेरे ऊपर गुस्सा करने लगीं और वहां से अपने कपड़े उठा कर चली गईं। मैंने भी चुप रहने का फ़ैसला किया।


रात को मैं ओर मम्मी खाना खा रहे थे। तभी मैंने वह वीडियो मम्मी के सामने चला दिया, मम्मी का तो मानो जैसे खाना रुक ही गया हो … वे सिटपिटा गईं और उनका मुँह उतर गया।


मम्मी- मुझे माफ़ कर दे बेटा, तेरे पापा को पता चला तो वे मुझे बहुत मारेंगे और तलाक़ भी दे देंगे, शायद मुझे सुस|इड भी करना पड़ेगा।


मैं- ठीक है, लेकिन आगे से कभी नहीं होना चाहिए और मेरी एक शर्त भी है।


मम्मी- शर्त … हां बता कैसी शर्त?


मैं- तू एक नीग्रो के साथ सोएगी और मैं देखूँगा।


मम्मी- नहीं, तू कमरे में नहीं होना चाहिए।


मैं- शर्त मंजूर है तो बताओ वर्ना पापा को वीडियो दिखा दूँगा।


मम्मी- नहीं नहीं। तू जो कहेगा मैं करूंगी।


मैं नहीं चाहता था कि कोई ऐरा-ग़ैरा मेरी मम्मी की चुदाई करे।


फिर पापा आ गए और हम सब ऐसे रहने लगे जैसे सब सामान्य हो, तभी मैंने फ़ेसबुक पर एक नीग्रो से संपर्क किया और उसे राज़ी कर लिया।


उसने एक शर्त भी रखी कि वह मेरी मम्मी की गांड भी मारेगा।


पापा के जाने के बाद हम दोनों ने प्लान बनाया और मैंने आलेक्स नाम के नीग्रो को घर बुलाया। वह भारत में रह कर पढ़ रहा था।


उसका शरीर लंबा चौड़ा था और शरीर से काफी तगड़ा था।


उसने अपने लंड की फोटो दिखाई थीं मम्मी को, तो मम्मी तो उसके लंड का आकार देख कर ही शॉक हो गयी थीं।


हालांकि वे काफी उत्तेजित भी हो गई थीं क्योंकि उन्होंने सेक्स कहानियों में शायद यह पढ़ा था कि बड़े लंड से चुदवाने में दर्द तो होता है, पर काफी मजा भी आता है।


वे एक नीग्रो के बड़े लंड से अपनी चुत चुदवाने को तो राजी हो गई थीं पर उन्हें ये नहीं पता था कि वह उनकी गांड भी मारेगा।


तय दिन आलेक्स घर आया, उसे मम्मी ने पहले दारू पिलाई और खाना खिलाया।


मम्मी किचन में साड़ी पहन कर बर्तन साफ कर रही थीं। तभी आलेक्स पीछे से उधर चला गया और उसने मम्मी को पकड़ लिया।


मम्मी डर गईं।


उसके सामने मम्मी बहुत छोटी सी लग रही थीं, जैसे भालू के सामने कोई मेमना हो।


आलेक्स ने मम्मी के बूब्स पकड़ कर उनको गर्दन पर जोर जोर से चूमना चालू कर दिया।


मम्मी के हाथ से बर्तन गिर गए और उन्होंने उस नीग्रो की पकड़ से छूटने की कोशिश की लेकिन आलेक्स में ताक़त थी।


उसने मम्मी की गांड दबाना चालू कर दिया।


मम्मी ने मुझे आवाज़ लगाई।


मैं किचन में पहुंचा और सब कुछ देखने लगा।


मम्मी- इस काले सांड को बोल मुझे अभी छोड़ दे। पहले मैं काम ख़त्म कर लूँ … फिर इसे जो भी करना है करे।


मुझे मजा आ रहा था तो मैंने आलेक्स को नहीं रोका।


आलेक्स ने मम्मी की टांगें चौड़ी कर दीं, उनकी साड़ी ऊपर की और पैंटी को एक झटके में बाहर निकाल दी, मम्मी की गोरी गांड आलेक्स के काले लंड के आगे मस्त लग रही थी।


आलेक्स मम्मी के चूतड़ों को चाटने लगा और खाने लगा, उसने मम्मी की गांड में जीभ डाली और हाथ से चुत को सहलाने लगा।


वह मम्मी की गांड पर थप्पड़ लगाने लगा और चुत में उंगली करने लगा, फिर आलेक्स ने पैंट उतारी और अपना काला साँप बाहर निकाल कर मम्मी की चुत पर रख दिया।


मम्मी- अभी रूको, मेरी चुत पूरी गीली नहीं हुई। तुम्हारा लंड मेरी चुत को फाड़ देगा! आलेक्स ने अपने लंड पर थूक लगाया और लंड का टोपा चुत पर रख कर अन्दर घुसा दिया।


नीग्रो सेक्स की शुरुआत में ही मम्मी की चीख निकल गयी और आँख से आँसू आ गए- आअहह … मेरी चुत में जलन हो रही है। बेटा इसे बोल कि ये रुक जाए … और जरा तेल लगा ले। 


मैंने आलेक्स को देसी घी दिया। उसने लंड पर घी लगाया और मम्मी की चुत पर भी मल दिया, उसने फिर से अपने लंड को चुत के अन्दर डाल दिया।


कुछ ही देर के दर्द के बाद मम्मी को बड़े लंड से चुदवाने में मजा आने लगा। ये Mom ki Nigro Sath Desi Xxx Sex Story आप Garamkahani.com पर पढ़ रहे हो।


पहले राउंड में आलेक्स जल्दी झड़ गया और बाहर आ गया, मम्मी भी वहीं कमरे में चुदी पिटी सी बैठ गईं। वे अपनी चूत पर हाथ फेरने लगीं।


कुछ देर बाद वे भी बाहर आ गईं तो मैंने एक गिलास में ज्यादा सी दारू डाल कर मम्मी को गिलास पकड़ा दिया- यह आप पी लो, आपको इसकी जरूरत पड़ेगी।


मम्मी ने गिलास ले लिया और गटगट करके दारू हलक के नीचे उतार ली।


उन्होंने मुझसे कहा- एक और बना दो।


तभी आलेक्स ने सिगरेट सुलगाई और कश खींच कर मम्मी को अपनी गोदी में ले लिया, मेरी मम्मी नंगी थीं और वे उसके लंड पर अपनी गांड घिसने लगीं।


मम्मी ने उसके हाथ से सिगरेट लेकर दारू पीना शुरू की और साथ साथ सिगरेट भी पीने लगीं, मैं भी सामने बैठा था और दारू का गिलास अपने होंठों से लगे हुए मम्मी को देख रहा था।


आलेक्स मेरी मम्मी की चूचियाँ मसल रहा था और मम्मी को दारू के नशे में उसके साथ सेक्स का मजा लेना अच्छा लग रहा था।


15 मिनट बाद आलेक्स फिर से तैयार हो गया और वह मेरी मम्मी को उठा कर पुनः बेडरूम में ले गया।


उसने मम्मी को घोड़ी बना दिया, फिर उसने मम्मी की गांड पर थूका तो मैं समझ गया कि अब यह मेरी मम्मी की गांड मारेगा।


मैंने जल्दी से उसे घी दे दिया।


उसने थोड़ा घी लगाया और गांड को मसलने लगा।


मम्मी- बेटा, ये गांड पर घी क्यों लगा रहा है?


मैं- ग़लती से हो गया होगा, अभी चुत पर भी लगाएगा।


मेरे इतना बोलते ही आलेक्स ने मम्मी की गांड में लंड घुसेड़ दिया, मम्मी तो रोने लगीं और इधर उधर भागने लगीं।


आलेक्स ने दोनों हाथ पकड़ लिए और वह झटके पर झटके देने लगा। नीग्रो सेक्स से मम्मी चिल्लाती रहीं, पर वह नहीं रुका।


थोड़ी देर बाद हॉट मॅाम चुप हो गईं और मजा लेने लगीं।


दस मिनट बाद आलेक्स झड़ गया, मम्मी उसके लंड को कपड़े से पौंछ कर चाटने लगीं। उन दोनों ने एक राउंड और किया।


अब मेरी मम्मी की वासना शांत हो गई थी। वे मुझे प्यार से देख रही थीं।


मैंने पूछा- कैसा लगा?


मम्मी ने नीग्रो का लंड पकड़ कर कहा- मेरी न जाने कबसे तमन्ना थी कि मैं बड़े लंड से चुदूँ!


मैं हंस दिया।


मेरी मम्मी अब मेरे सामने सेक्स करने लगी थीं।


मुझे भी अपनी मम्मी की सेक्स कामना को पूरा करते देखने में अच्छा लगता है।


उसके बाद मैंने भी मम्मी साथ कई रातें मजे किए! कभी बेडरूम तो कभी किचन तो कभी बालकनी में! ये कहानी अगर आपको जाननी हो तो मुझे कॉमेंट में जरूर बताएं!


तो दोस्तो, ऐसी थी मेरी Mummy Ki Chudai Ki Kahani, आपको यह Hot Mom Nigro Sex Kahani कैसी लगी, प्लीज कॉमेंट में बताएं! धन्यवाद!


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