जीजू ने मुझे दीदी के सामने चोदकर मेरी सील तोड़ दी!

पढ़िए मेरी XXX Hindi Sex Kahani और जानिए कैसे जीजू ने मेरे Exam समय अपनी Antarvasna से मुझे दीदी के सामने चोदा और मेरी सील तोड़ दी। पढ़िए इस Jija Sali Desi Xxx Sex Story में!


कैसे हो आप सब? मेरा नाम मनप्रीत है आज मैं आप लोगो को बताऊंगी कैसे मेरे जीजू ने मेरी सील तोड़ चुदाई करी। तो समय न गवाते हुए कहानी शुरू करती हूं।


2018 में जब मैं अपनी जसप्रीत दीदी के साथ जालंधर में UPSC की तैयारी कर रही थी। तो हमने सोचा कि एग्जाम के लिए दिल्ली का सेंटर चुन लेते है ताकि थोड़ा घूमने को भी मिल जाए।


हमारे घर में सब मिलाकर अभी 4 लोग है मम्मी, पापा, मैं और जसप्रीत दीदी।


हमारी एक बहन हरप्रीत भी है जिनकी शादी हो गई वो जसप्रीत दीदी से बड़ी है और मैं घर में सबसे छोटी हूं।


हम दोनों बहने खूब मन लगाकर अपने एक्जाम की तैयारी कर रहे थे।


फिर पेपर की डेट आ गई, पेपर भी सर्दियों के दिनों में होंना अब हमारे सामने दिक्कत थी के दो लड़कियों को अकेले इतनी दूर नहीं भेजा जा सकते है।


इसलिए सबकी रज़ामंदी से मनजीत जीजू ने तय करा वही हमारे साथ दिल्ली आएंगे।


हम दोनों बहने खुश हो गई जीजू से हमारी खूब बनती थी, वो एक अच्छे दोस्त की तरह थे हालांकि कभी कभी वो हम बहनों के कामुक जिस्म पर हाथ फेर लिया करते थे।


मगर इससे हमारे घर में किसी को ऐतराज़ नहीं था हमारे इलाके में ये बात मशहूर थी के जीजा का पहला रिश्ता बीवी से कम और सालियों से ज़्यादा मज़बूत बनता है।


जीजू इस बात से बहुत खुश थे कि हम दोनों बहने उनके साथ पूरे 5 रातों तक अकेले एक कमरे में रहेंगी।


वैसे मैं उनको गलत नहीं बोलूंगी हम तीनों बहने बला की खूबसूरत है, अगर में अपनी बात करूं तो मेरी चूंची 32 की बिल्कुल गोल मोल है मेरे निप्पल भी गुलाबी है, कमर 30 की व गांड़ भी 30 की गोल मटोल है।


मैं दिखने में पूरी पकी हुई पंजाबन लगती हूं मेरा गोरा रंग और नुकीला चेहरा किसी को भी मेरा दीवाना बना सकता है।


हमारे घर में लड़कियों को बहुत छूट नहीं दी जाती इसलिए मर्द के नाम पर बस मेरे पास मेरे जीजू है जिनसे में हस बोल लेती हूं।


मेरे बाल लंबा व घुंघराले सुनहरे रंग के है धूप में सोने की तरह वो चमकते है हम तीनों बहनों की आंखे भूरी तथा बेहद नशीली है।


हम तीनों की चूत के ऊपर तिल है 16 साल की उम्र तक हम सब एक साथ नहाया करते थे इसलिए हमने एक दूसरे से पूरे जिस्म को देख रखा है।


मेरी जसप्रीत दीदी मुझसे एक साल बड़ी है और फिगर बिल्कुल मेरे जैसा है हम दोनों बहने हम शक्ल है कोई अलग अलग देखे तो पहचान न सके।


फिर अगर बात करूं बड़ी दीदी की तो शादी के बाद वो एक मस्त माल हो गई है मोटा ताज़ा गदराया हुआ बदन 38 के चूंचे 36 की कमर उसपर 40 की गांड़।


मैं मज़ाक मज़ाक में अपनी दीदी के जिस्म को बहुत छुती हूं अब तो उन्होंने मुझे टोकना भी छोड़ दिया है। ये Family Group, Desi Sex की कहानी आप Garamkahani.com पर पढ़ रहे है। 


जब वो घर आती है तो मैं उनकी गोद में लेटकर चूंचे दबाती हूं। वो भी अब मज़े लेकर आआह! हम्मम! ओहद्ह! करती रहती है और मुझे मज़ा आता रहता है।


ये तो रही हम बहनों की बात मगर हमारे जीजू भी तगड़े मर्द है चौड़ी बालों से भरी छाती 6 फूटा कद मज़बूत बाहे वो जिम नहीं जाते लेकिन पंजाबियों वाली मर्दानगी उनके ऊपर साफ नज़र आती है।


मुझे कभी कभी लगता है के अगर जीजू ने मुझे कभी चोदने के लिए जबरदस्ती करा तो, मैं क्या उनके हाथों से बच पाऊंगी या नहीं?


दिल्ली जाने की हमने सारी तैयारियां करली होटल में दो कमरे बुक करे गए जीजू ने अपना कमरा अलग लिया और हम बहनों के लिए अलग कमरा लिया।


घर से दिल्ली तक के लिए हमने टैक्सी की क्योंकि ट्राई सर्दियों के कारण देरी से चल रही थी।


थोड़ा थोड़ा रुकते रुकते खाते पीते हम अपने होटल पहुंचे एग्जाम से एक दिन पहले हमने होटल के कमरे में एंट्री करी।


रात भर मैं और जसप्रीत दीदी पढ़ते रहे।


उस रात हमने बस 5 घंटे की नींद ली मेरे जीजू भी हमारे साथ जगे थे पानी से लेकर फैन चलाने तक सब कुछ जीजू ने करा मुझे उनका हमारी फिक्र करना अच्छा लगने लगा।


जीजू सचमुच एक जेंटल मन थे अगले दिन सुबह सुबह वो हमें सेंटर ले गए उन्होंने एक बार रेंट पर लेली थी टाके सवारी में परेशानी नाहो।


दोपहर तक हम फ्री हो गई एग्जाम भी बहुत अच्छा रहा हम दोनों बहने खुश थी जीजू और हम रात से बहुत थके हुए थे किसी की हिम्मत नहीं थी के घूमने जाए तो हम लोग वापस आ गए।


हम तीनों शाम तक सोते रहे जीजू अपने कमरे में चले गए थे फिर करीब 5 बजे उन्होंने दरवाज़ा खट खटाया।


मैं उस समय बाथरूम में नहा रही थी दरवाज़े पर उनकी आवाज़ सुनकर बस एक तोलिया तपेटकर बाहर आ गई और दरवाज़ा खोला।


जीजू फ्रेश लग रहे थे जैसे अभी नहाए हो नीली T Shirt सफेद जींस उसके ऊपर स्पोर्ट्स शूज़ ऐसा लग रहा था कोई कॉलेज का गबरू लड़का हो।


उन्होंने आते ही बोला “चलो बाहर कुछ खा पीकर आते है।”


मैने कह दिया अभी दीदी सो रही है आप अंदर आ जाओ मैं तैयार होकर आती हूं तब तक वो भी उठ जाएंगी। 


जीजू मेरी तोलिया में अधनंगी चूंची को घूरे जा रहे थे, मुझे लगा जैसे वो मेरे बूबू अपनी नज़रों से दबा रहे हो उस समय मुझसे कई हज़ार फूलों की महक आ रही थी। 


जीजू ने अंदर आने से मना कर दिया और वापस जाने लगे मैने उनसे पूछा तो वो बोले “में गलत समय पर आ गया तुमको परेशानी होगी मैं बाद में आता हूं।”


लेकिन मैने जीजू को रोक लिया उन्होंने हमारे लिए बहुत मेहनत करी थी मैने सोचा वैसे भी कौनसा रोज़ की बात है आज थोड़ा सा जीजू को हसीन नज़ारा देख लेने देती हूं।


मैने उनको बोल दिया “मुझे परेशानी नहीं होगी आप अंदर आ जाएं आपतों अपने हो।”


मेरे मुंह से ये बाते सुनकर जीजू की आंखे चमक गई, वो तुरंत अंदर आ गए।


होटल की तोलिया पता नहीं क्यों बहुत छोटी थी मेरी आधी से ज़्यादा चूंची बाहर भाग रही थी मेरा गोरा बदन भीगे बाल गिले होठ नंगी टांगे जीजू के सामने थे।


उनकी सांसे तेज़ होती हुई मुझे महसूस होने लगी मैं उनसे आँखें नहीं मिला पा रही थी लेकिन वो एक टक बस मुझे देखे जा रहे थे।


“तुम झूठ क्यों बोलती हो की मैं तुम्हारा अपना हूं आज तक कभी मुझे छूने तो दिया नहीं तुमने।” जीजू थोड़ा नाराज़गी से बोले।


वैसे ये बात बिल्कुल झूठी थी मैं जितनी बार जीजू के साथ बाइक पर बैठी थी उन्होंने बहाने से बहुत बार मेरी चूंची अपनी पीठ से दबाई थी मगर मैं कुछ नहीं बोली उसके अलावा कभी कोई समान लेने देने वो आते तो मेरी चूंची छूते थे।


लड़कियां समझती सब है लेकिन इजाज़त उसी को देती है जो लड़कियों के दिल में उतर पाता है।


मैने जीजू को मनाने के लिए कह दिया “ऐसी कोई बात नहीं है आप मुझे छूकर देख सकते हो।”


जीजू शायद इसी बात का इंतज़ार कर रहे थे वो बोले “पक्का फिर डर के पीछे तो नहीं हटोगी।”


मैने बोल दिया “ नहीं हटूंगी लेकिन कुछ और मत करना।”


वो मेरे पीछे आकर खड़े हो गए, जीजू ने अपना चेहरा मेरे गले पर रखा वो मेरी कमर से अपने हाथों को फिराते हुए मेरी चूंची की गोलाईयों तक ले आए।


वो धीरे धीरे मेरी चूंची सहलाने लगे वो मेरी चूंची दबा नहीं रहे थे बस उनपर हाथ घूमा रहे थे।


उनकी गर्म सांसे मेरे गले पर महसूस हो रही थी, मेरी गर्मी बढ़ने लगी मेरी सांसे भारी लगने लगी मुझे वो तोलिया भारी लगने लगा।


जीजू ने बहुत धीरे से मेरे बूब दबाए उनकी पकड़ से मेरी आआह! निकल गई मैं हमममम उफ्फ जीजू क्या कर रहे हो आप! की आहे भरने लगी।


उन्होंने बोला “तुम्हारी चूंची तो तुम्हारी दीदी की तरह है।”


मुझे हैरानी हुई क्योंकि उनकी चूंची मुझसे बड़ी थी मैने बोला “नहीं जीजू उनकी बड़ी है अपने ठीक से देखा नहीं क्या।”


जीजू लागतार मेरी चूंची सहला रहे थे साथ ही साथ दबा भी रहे थे वो मेरी गर्दन पर चूमने लगे।


उन्होंने मेरे कान में कहा “ठीक से पता लगाने के लिए देखना भी तो पड़ेगा न।”


मेरी वासना भड़क चुकी थी चूत में हलचल मचने लगी थी। मैं बोल गई “तो देख लीजिएना।”


जीजू को ग्रीन सिग्नल मिल गया था वो सोफे पर बैठे फिर मुझे अपनी गोद में बिठाया, जीजू ने मेरी तोलिया खोल दी।


मैं नंगी अपनी जीजू की गोदी में बैठी थी मेरी गोरी चूची गुलाबी निप्पल देखकर वो बौखला गए मेरी चूत पर थोड़े बाल थे मुझे देखकर जीजू ने एक लंबी सांस ली।


मैने बोला “देखो जीजू मेरी छोटी है दीदी की बड़ी है।” यह Antarvasna Desi Sex Story आप गरम कहानी डॉट कॉम पर पढ़ रहे है।


जीजू ने मेरी चूंची पकड़ी और मुट्ठी में भींचकर बोले “कोई बात नहीं मैं बड़ी कर दूंगा।”


उन्होंने मेरे कंधे को चूमा और मेरे चूंचे मसलने लगे मैं कच्ची काली थी चूंची में दर्द हो रहा था।


मेरी आआह ओह! हमममम जीजू! उफ्फफ मुझे कुछ पलो में दर्द से मज़ा मिलने लगा।


हमममम मैने जीजू के बाल सहलाने शुरू करे, वो अपने मर्दाने हाथों से मेरे चूंचे निचोड़ रहे थे वो लगातार मेरी निप्पल नोच रहें थे।


मेरी आआह अआआह जीजू मत करो कि आवाज़ निकल रही थी मुझे डर था कही दीदी न आ जाए लेकिन जीजू बेधड़क मुझे दबोचे हुए थे।


मेरे मुंह से निकल गया “जीजू इनकी चूसिए न” मेरी बात सुनकर उनकी खुशी का ठिकाना नहीं था वो तुरंत बोले “अभी को साली जी।”


जीजू ने मुझे सोफे पर लेटाया और अपने कपड़े उतार कर नंगे हो गए हम जीजा साली नंगे मौज ले रहे थे अंदर मेरी दीदी सो रही थी।


जीजू मेरे ऊपर लेट गए फिर मेरी चूंची को चूसने लगे मैं अपने होठ काटकर आहा!हमममम! उम्ममम! ज्याहाह्ह जीजू अच्छा लग रहा है आगाह जीजू और ज़ोर से।


अआआह! हमममम जीजू उफ्फ!


मेरी सांसे तेज़ तेज़ निकल रही थी जीजू मेरी चूंची पी रहे थे जैसे उनमें से सच में दूध आरा हो।


मैं पूरी बहक चुकी थी मैने जीजू को ऊपर खींचा और अपने होठों से उनके होठ मिल लिए।


हम मस्ती से एक दूसरे के होठ चूसने लगे उम्मम! म्यूझ्झह! आअह्हम! ओहम! की आवाज़ कमरे में घूमने लगी।


जीजू मेरे मुंह में ज़बान डालकर चुसवाने लगे मैं भी मज़ा लेकर उनकी ज़बान चूसने लगी उनके मुंह का रस में पीने लगी।


उनका लन्ड मेरी चूत पर घिसने लगे जिससे वो गीली हो गई, मैने जीजू के दोनों गालों को चूमा फिर बोली “जीजू मेरी चूत पियोना जैसे आप दीदी की पीते हो।”


वो। हैरानी से बोले “तुम्हारी दीदी तुमको ये सब बताती है?”


मैने उनके होठ काटते हुए कहा “हां हम तीनों बहने आपस में कुछ नहीं छुपाते।”


फिर जीजू खड़े हुए वो घूमकर मेरे ऊपर लेते हम 69 पोजीशन में आ गए जीजू बोले “तुम्हारी दीदी ने भी तो बताया होगा के इस तरह लेटने को क्या कहते है।”


उनकी बात से मैं शर्मा गई और उनके लन्ड को देखने लगी जीजू का लन्ड 7 इंच का था मेरी आँखें बाहर आने लगी।


कुछ भी हो आज तो ये मेरी चूत में जाएगा ही मेरी सीट टूटनी पक्की थी।


वो मेरे ऊपर गिरे मैने उनका लन्ड चूमा उन्होंने मेरी चूत को चूमा फिर वो अपनी ज़बान से मेरी चूत चाटने लगे मैं बिन पानी मछली जैसे मचलने लगी।


मैने भी थोड़ा थोड़ा कर के जीजू का लन्ड मुंह में लेना शुरू करा वो मेरे चेहरे से बड़ा था मैं बस आधा लन्ड चूस पाई।


जीजू अपनी उंगली से मेरा छेद खोल रहे थे वो अपनी ज़बान मेरी चूत में अंदर तक ले जाते थे।


मेरी चूत को अब लन्ड चाहिए था मुझे शर्रारत सूझी मैने जीजू की गांड़ में उंगली चढ़ा दी। 


वो एकदम उठे और मुझे देखने लगे उनकी शक्ल देखकर मेरी हसी निकल गई।


मैने अपने काटे और अपने चूंचे हिलाकर उन्हें उकसाया फिर अपनी चूत को छू कर बोली “जीजू कुछ कीजिए न”।


उन्होंने थोड़ा गुस्से में बोला “अभी करता हूं”।


मुझे थोड़ी घबराहट हुई जीजू सोफे पर बैठे उन्होंने मेरी टांगे खोली और गांड़ पकड़ कर लन्ड की तरफ खींचा फिर मेरे पेट को चूमते हुए मेरे ऊपर लेटने लगे।


धीरे धीरे चूमते हुए वो चूंची पर आए और ज़ोर से काट लिए मेरी उस समय आअआअअअह्छ! की चीख निकली।


जीजू ने अपने हाथ से लन्ड को चूत के दरवाज़े पर रखा फिर छेद पर रगड़ने लगे मैं अपने पैर उनकी कमर पर बांधी।


जीजू ने मेरी आँखो में देखा फिर ज़ोर से धक्का लगाया मेरी चीख निकलने को थी लेकिन उन्होंने होठों से होठ मिलाकर चीख दबा दी।


उन्होंने एक बार में आधा लन्ड मेरी चूत में उतार दिया, मुझे एहसास हुआ के गांड़ में उंगली नहीं करनी चाहिए थी।


फिर उन्होंने थोड़ा लन्ड बाहर निकाला मेरी आँखों से आंसू बह गए फिर जीजू ने मुझे चोदना शुरू करा वो आराम आराम से लन्ड को अंदर बाहर करने लगा।


मैं उनको पकड़ी आआह हमममम! जीजू आआह!  xxx Antarvasana Desi Sex Story आप Garamkahani.com पर पढ़ रहे है।


जीजू आराम से दर्द होरा है। जीजू मुझे चूमने लगे वो मेरे गले से होठों तक हर हिस्से को चूमते।


धीरे धीरे मुझे अच्छा लगा मेरी आहे सिसकियों में बदल गई 


आआह! ओह जीजू ! आगाह fuck me आआअआहआह!


आह yes! जीजू ओह अम्मा! Fuck me जीजू!


आआह ज़ोर से करो अच्छा लग रहा है आआह! ओहां।


हमममम! जीजू ने अपनी पूरी रफ्तार से मुझे चोदना चालू करा।


मैं भी गांड़ उछाल उछाल कर उनका साथ दे रही थी हमारी आवाज़ें गूंजने लगी।


जीजू ने मुझे खींच कर गोद में लिया मैने जीजू के गले को चूमा।


मैने सामने देखा तो जसप्रीत दीदी मुझे और जीजू को चुदाई करते देखे अपनी चूत में उंगली कर रही थी।


मैं डर गई लेकिन जीजू ने मुझे पेल रहे थे इसलिए ठीक से डर भी न सकी।


मेरी अआआह! ओह ! आअआअहन! की आवाज़ उनको पागल कर रही थी दीदी अपने मुंह को बंद किए चूत में उंगली करे जा रही थी।


हमारी नज़रे मिल गई दीदी मुझे चुदाते देख रही थी मैं उनको उंगली करते देख रही थी।


करीब 20 मिनट तक जीजू ने मुझे चोदा फिर मैं आआह! आआह! ओह जीजू ! आगाह fuck me आआअआहआह!


आह yes! जीजू ओह अम्मा!


करते करते झड़ गई जीजू भी अपने चरम सुख को पाकर सोफे से पीठ लगाकर बैठ गए।


मैं उनके ऊपर गिर गई वो मेरे चूंचे पीने लगे, दीदी मेरी हालत देख कर वापस कमरे में चली गई।


हम तीनों ऐसे ही सो गए फिर रात को 8 बजे आँखें खुली तो जल्दी से मैने जीजू को उठाया उन्होंने मुझे बाथरूम ले जाकर नहलाया सोफे पर से खून साफ करा वो खुद भी मेरे साथ ही नहाए।


मैने दीदी को जगाया फिर करीब 10 बजे हमने खाना खाया।


हम आज भी मिल कर सेक्स करते रहते है लेकिन जो मज़ा मुझे उस दिन आया था उसकी बात ही अलग है! इसलिए वो दिन मुझे हमेशा याद रहेंगे!


मुझे कमेंट व hashmilion5@gmail.com पर मेल कर के ज़रूर बताए की यह Jija Sali ki Chudai ki कहानी कैसी लगी?


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