तलाकशुदा पड़ोसी रोज़ी के साथ सुहागरात की चुदाई की दांस्ता 01

PADOSI HOT SEX STORY : पढ़िए मेरे और मेरी तलाकशुदा पड़ोसन रोजी जी के बीच Honeymoon (पहली चुदाई) की Antarvasan उन्ही के घर में 4 दिनों तक पूरी हुई!


तो कैसे है मेरे साथियों, आज मैं आपके साथ वो किस्सा बांटने जा रहा हूं जिसका इंतज़ार मेरे पुराने पाठक काफी समय से कर रहे है।


ये किस्सा है, रोज़ी जी और मेरे बीच होने वाली पहली चुदाई का, आप लोग जानते होंगे कि मेरी और रोज़ी जी के बीच काफी छेड़ छाड़ चलती रहती थी।


उन्होंने जन्म दिन पर मेरा लन्ड चूसा था फिर मेरे दोस्त विशाल के घर मैने उनको नंगा पकड़कर चूंचे दबाए। आप लोगो को भी ये कहानियां पढ़नी चाहिए, ताकि आपकी वासना और गर्मी अधिक बढ़ जाए:


कहानियाँ : (पड़ोसन भाभी ने लन्ड चूसकर मज़ा दिया 01)  और (दोस्त की मम्मी की चुदाई गरम कर के!)


रोज़ी जी, मेरे साथ पूरी खुल चुकी थी हम वीडियो कॉल पर मुठ मारा करते, हम लगभग रोज़ आधी रात को एक बजे सिगरेट पीते। वैसे तो सिर्फ रोज़ी जी सिगरेट पीती थी और पहली बार जैसे ही, हमेशा बची हुई सिगरेट अच्छे से चाट कर मेरे मुंह में रख जाती थी।


रोज़ी जी की चूंची 38 की हो गई थी, बाकी कमर और गांड़ वैसी ही रही। अब जब भी रोज़ी जी उदास होती थी या अकेला महसूस करती थी तो वो मुझसे गले लगकर बहुत देर रोती थी।


उनके पति तो भाग चुके थे और पति के हिस्से की प्रॉपर्टी रोज़ी जी के नाम कर दी थी उनकी सांस ने। हम दोनों को एक दूसरे के करीब आए एक साल हो गया था।


हर शनिवार रोज़ी जी मुझे छत पर चुपके से बुलाती और मेरा लन्ड चूसकर मुझे शांत करती थी उनके मोटे मोटे होठ मेरे लन्ड को पकड़कर जब दबाते तो मेरी आह! निकलती।


मेरा लन्ड चूसकर शांत करना उनकी ड्यूटी थी क्योंकि वो रविवार से शुक्रवार तक मुझे गर्म करती, मुझे तड़पाती थी।


हम अक्सर विशाल के घर मिलते रहते, मैं उनके खूब चूंचे दबाता था और खूब निप्पल पीता था।


हम बेसब्री से उस रात का इंतज़ार कर रहे थे जब हम एक दूसरे के साथ अपने चरमसुख को पाएंगे।


उस दिन रविवार था, पिछली गुज़री रात रोज़ी जी सिर्फ पैंटी में मेरा लन्ड चूस रही थी, काफी बार ऐसा हुआ था के हम बस पकड़े जाने से बाल बाल बचे थे वो पल कभी और आप लोगो से बाटूंगा।


आआह! अआओज! रोज़ी जी,


हमममम! आआह! ये Desi Hindi Chudai Ki Kahani आप Garamkahani.com पर पढ़ रहे है।


मेरे मुंह से आहे निकलती जाती और वो अपनी रफ्तार बढ़ाए जाती, मैं झुका हुआ उनकी चूंची दबा रहा था उनके निप्पल नोच रहा था।


पंद्रह मिनट लगातार गॉग गग़ करते हुए उन्होंने मेरा लन्ड चूसा फिर मैं अपने चरम पर आने को हुआ तो मैने उनको बताया, वो अपना मुंह ज़ोर से मेरे लन्ड पर चोदने लगी।


मैने भी उनके बाल पकड़कर खींचे धपाधप 6 - 7 धक्के मारकर में मुंह में झड़ गया, रोज़ी जी मेरे लन्ड का सारा रस पी जाती थी। 


फिर पास में रखी बोतल से उन्होंने कुल्ली करी और मुझसे गांड़ का छेद चाटने को बोली वो पिछले कुछ महीनों में बहुत वाइल्ड हो गई थी, मेरा लन्ड पकड़ कर खींचना मेरे होठ काटकर खून निकालना उनका फेवरेट काम था।


उनको मुझे दर्द में देखकर अच्छा लगता, मुझसे गांड़ चटवाने के बाद जब उनकी चूत झड़ी तो मुझे पूरा पानी पीने को बोली।


फिर उन्होंने मुझे बोला के “कल रविवार को गली में शादी है बस जा रही है शिमला, लेकिन मैं नहीं जाऊंगी तुम भी किसी बहाने से रुक जाओ कल अपनी पेंडिंग सुहागरात पूरी करते है, जिसके लिए पूरे साल से तड़प रहे है।”


मेरा न बोलने का तो सवाल ही नहीं बनता था, मैने हां कह दी। मेरी हां से वो खुश हो गई मुझे रोज़ी जी ने अपने गोल मोल नंगे झूलते चूचों में दबाकर गले लगा लिया, फिर मुझे घुटनों पर बैठाया ।


उन्होंने मेरे गाल पकड़े और मेरा चेहरा ऊपर कर फिर अपने मुंह में थूक जमा करा फिर धीरे धीरे मेरे मुंह में उस मीठे रस को टपकाने लगी।


मैं अच्छे बच्चे की तरह मुंह खोले ज़बान बाहर निकाले रस पी रहा था।


फिर वो भी घुटनों पर आ गई मेरे भीगे होठों पर उंगली फेरी और अपने होठों का रस मेरे मुंह से लेकर अपने निप्पल पर मसला इससे उनके निप्पल बिल्कुल कड़क हो गए।


रोज़ी जी सर से पैर तक दूध सी गोरी थी मगर निप्पल चॉकलेट जैसे भूरे थे।


चांद की चांदनी में वो बिल्कुल अप्सरा लगती थी पहली बार जब इस तरह से हम साथ थे तो आप जानते ही हो मेरी क्या हालत हुई थी।


उनके घुटने पर आते ही मेरा खुद पर से काबू खत्म हो गया मैने उनके होठों को अपने होठों में भर किया।


मैने उनको बुरी तरह चूसा तकरीबन सारी लिपस्टिक साफ करदी वो इतनी मादक लग रही थी के बस दिल कर रहा था वहीं चोदना शुरू कर दू।


उन्होंने मेरे पेट पर टांगे बांधी मगर लन्ड चूत में नहीं डालने दी , जैसे ही मैं छेद में लन्ड डालने के लिए सेट करता तो वो हाथ चूत पर लगा लेती थी ऐसा करते हुए वो मेरी बेबसी पर हस हस के मुझे तरसा रही थी।


सच कहूं मुझे भी मज़ा आता था इस सब में। ये Aunty की Antarvasna Hindi Sex Story आप Garamkahani.com पढ़ रहे हो।


रोज़ी जी ने मेरे गाल को चूमा और बोली “आज तड़पने की आखरी रात है कल से सारी तड़प खत्म”।


उन्होंने मेरे होठ पर एक बार हल्के से चूमा फिर मुझे धक्का देकर जाने लगी, मैं ज़मीन पर पड़ा उनको गांड़ हिलाकर जाते हुए देखने लगा।


उन्होंने मुझे पलट कर देखा अपनी पेंटी उतारी और मेरी तरफ फेक दी।


वो पूरे पंद्रह कदम एकदम नंगी छत से कैट वॉक करती हुई नीचे चली गई, जैसे पहली बार पहली रात में उनकी ब्रा मेरे पास थी इस बार उनकी पैंटी मेरे पास वो छोड़ गई थी।


मैने भी पहली बार की तरह उसी पैंटी में मुठ मार के अपना रस छोड़ दिया और पहली बार की ब्रा की तरह ही पैंटी को वहीं छोड़ कर आ गया।


अगली सुबह जब में उठा तो मम्मी बोली के शादी में जाना है जल्दी तैयार हो जा, मैने कह दिया मेरी तबियत खराब है मैं नहीं जा सकता।


मम्मी ने थोड़ा ज़िद करी मगर फिर वो मान गई, वो कहने लगी खाने का फिर बाहर से देख लेना इतना समय नहीं है कि मैं कुछ तैयार करु अभी।


मैने ओके वाला इशारा करा फिर जाकर हाथ मुंह धोकर फ्रेश हुआ।


अंदाज़न 11 बजे तक गली के सब लोग बस में बैठकर शिमला के लिए निकल गए थे, कुछ एक दो जो औरते नहीं गई थी वो अपने मायके या रिश्तेदारों में चली गई।


मैं बस में मम्मी को छोड़ कर वापस घर आया तो देखा रोज़ी जी गिले बालों के साथ एक खुला गॉन पहने कनिका आंटी के घर से निकलती हुई दिखी, हमारी नज़रे मिली और वो मुझे आँख मरती हुई अपने घर चली गई।


मैं अपने घर मुस्कुराते चेहरे से चल दिया मैने बस उस समय एक नीला लोवर पहना था फिर ध्यान दिया के मेरा लन्ड उसमें साफ चमक रहा था।


मैं घर आकर लेट गया और चाय नाश्ता बनाते हुए रोज़ी जी को फोटो भेज दी और उनके मैसेज का इंतज़ार करने लगा। यह Hot Indian Romance XXX Chudai Ki Kahani Exclusive है GaramKahani.com पर!


उनका मैसेज तुरंत ही आ गया उसमें लिखा था “घर आ जाओ, सिगरेट लेते आना आज हम दोनों साथ रहेंगे, खाना पीना सब यही करना अगले 4 दिन।”


मैसेज पढ़कर मेरी आँखें चमक गई, इतनी देर में उन्होंने एक फोटो भेजी उसे मैने खोला तो लन्ड ने थोड़ा पानी छोड़ दिया।


उस फोटो में रोज़ी जी ने नहाते हुए बाथरुम में से फोटो भेजी थी उन्होंने अपनी चूंची हाथ से छुपा रखी थी, नीचे वैसी ही पैंटी पहनी थी उन्होंने जिसमें रात मैने रस छोड़ा था।


फोटो के नीचे मैसेज लिखा हुआ था “इस पैंटी ने मेरी आग और ज़्यादा बढ़ा दी है अपनी खेर मनाना और तैयारी से आना।”


मैने ध्यान दिया कि बाथरूम के कुण्डी के पास ब्रा लटकी थी जिसमें सेक्स पावर बढ़ाने की गोली का डिब्बा था।


मैं जल्दी से नहाने को गया हीरो बनकर तैयारी करी मस्त परफ्यूम लगाया और छत से कूदता हुआ उसके घर पहुंचा।


छत पर एक नज़र इधर उधर घुमाई वो पैंटी कही नहीं थी पिछली बार की ब्रा की तरह ही रोज़ी जी ने सच में पैंटी पहनी थी।


मैं उनकी छत से नीचे उतरा तो घड़ी में 12 बज चुके थे, मेरी नज़रे अपनी माल अप्सरा को ढूंढने लगी, मैने धीमे से आवाज़ लगाई “रोज़ी जी! किधर हो”।


उनकी बेडरूम से कामुकता से भरपूर आवाज़ आई “अंदर आ जाओ रवि”।


मेरे कदम जैसे जैसे रूम की तरफ चलते जा रहे थे मेरी धड़कने बढ़ रही थी हमने एक दूसरे को आगे से पीछे ऊपर से नीचे तक बिना कपड़ो के देखा था एक दूसरे का पानी पी चुके थे हम, मगर अभी तक चुदाई के लिए तरस रहे थे।


मैंने रूम का दरवाज़ा खोला तो वो पीली नीली रोशनी में दमक रहा था, बहुत खूबसूरत खुशबू वहां से आ रही थी।


हर कोने पर खुशबू वाली मोमबत्तियां लगी थी, बैड बिल्कुल ऐसे सजा था जैसे मेरी सुहागरात हो, गुलाब के फूल उसपर बिखरे पड़े थे।


कहानी का अगला पार्ट : "तलाकशुदा पड़ोसी रोज़ी के साथ सुहागरात की चुदाई की दांस्ता 02"


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