चार पतियों का पत्नियों साथ 'स्वैपिंग' का खेल 05

Group Sex Story : जाने की अब 4 दुल्हनों को Swaping के बाद कौन से नए husband मिले जिनसे हमने अपनी Chut और गांड फड़वाई! जाने इस Hindi Sex Stories में!


अभी तक आपने पिछले भाग "चार पतियों का पत्नियों साथ 'स्वैपिंग' का खेल 04" में पढ़ा :


अब सुक्खू ने अपने लन्ड से निकलते गाढ़े चिकने पानी को टपकाते हुए विद्या को उठाया और मुंह मे धांस दिया।


विद्या सुक्खू के लन्ड को मुंह मे लेकर मज़े से चूसने लगी , और सुक्खू खड़े खड़े बैठी हुई विद्या के मुंह मे लन्ड चुसाने का भरपूर मज़ा ले रहा था।


सुक्खू ने विद्या के मुंह मे लन्ड डाले ही डाले अपने पैरों के अंगूठे को विद्या की भूखी बुर में घुसा कर उसकी गर्मी बढ़ाता जा रहा था!


अब आगे :


विद्या भी सुक्खू का लन्ड मुंह मे लिए ही अपने पैरों को और फैलाकर बैठ गई , जिससे अब सुक्खू का अंगूठा विद्या की चूत में पूरा जाने लगा था 


विद्या जोश में थी , सुक्खू का लन्ड मुंह मे चूसते चूसते , सेक्स भरी मस्ती से आवाज़ें निकाल रही थी, लेकिन लन्ड मुंह मे होने से पूरी और ठीक से आवाज़ निकल नही रही थी।


बस ज़्यादातर गूँ,,,, गूँ,,, ओकक,,,, गड़प,,,,,,, गड़प की आवाज़ ज़्यादा निकल रही थी।सागर सुक्खू कहती तो यही सुनाई पड़ता था कि जैसे,उनक्खूं कह रही हो।


अब सूक्खूं ने पोजिशन बदली और अपना विद्या की लार से भीगा हुआ लन्ड निकाला और विद्या के बगल में लेट गया।


फिर विद्या तो भूखी बैठी ही थी , वो तुरन्त उठी और सूक्खूं क लन्ड का टोपा अपनी बुर की फांकों के बीच सेट किया और बिना डरे बैठती चली गई।


सूक्खूं का पूरा लन्ड विद्या की चूत में समा चुका था।


विद्या की चूत अपने मुंह को फाड़े सूक्खूं का लन्ड निगल गई थीजिससे विद्या की बुर के दोनो होंठ एक दूसरे से अलग हो चुके थे और गोलाई से विद्या की बुर के दोनो होंठो ने सूक्खूं के लन्ड को जकड़ रखा था।


एक दो झटके विद्या ने सूक्खूं के लन्ड पर अपनी बुर से मारे, बस सूक्खूं उठा और विद्या को पकड़े ही पकड़े विद्या को अपने लन्ड पर बिठाकर खुद भी बैठ गया।


अब विद्या सूक्खूं की गोद मे अपनी चूत में पूरे लन्ड को जड़ तक घप्प से लीले बैठी थी, अब सूक्खूं ने फिर से विद्या को अपने लन्ड पर विद्या की चूत में पूरा धँसाये हुए उसकी बालों की चोटी पकड़ी और पीछे खींच ली।


विद्या ने भी अब अपने दोनो हाथों को बेड पर बिछे मोटे गद्दे पर टिका दिया था, गद्दा तो मोटा था ही , जिससे विद्या का हाथ गद्दे में धंस गया और विद्या और पीछे मुड़ गई।


अब विद्या की छातियां तोप के समान ऊपर की तरफ तन गई थी।  ये Hot Nonveg Indian Sex Stories आप Garamkahani.com पर पढ़ रहे हैं


अब चूंकि विद्या की बुर में लन्ड समा चुका था , तो विद्या की बुर को लन्ड की कमी नही खल रही थी और सूक्खूं विद्या की तनी हुई चुचियों पर टूट पड़ा।


अपने हाथों के पंजो से एक एक चूची को जकड़ रखा था, सूक्खूं ने विद्या की चोटी को छोड़ दिया था , क्योंकि विद्या के हाथ अब बेड पर गद्दों में टिके हुए थे।


तो सूक्खूं अपने दोनो हाथों से विद्या की चुचियों की ऐसी तैसी करने लगा, सूक्खूं विद्या की चूची को इतनी तेज तेज़ भूखे भेड़िये की तरह नोंच रहा था कि पूछो मत!


ये तो विद्या को बाद में पता लगना था कि उसकी चूची को कैसे बेरहमी से दबाया गया है, हाँ जब सूक्खूं विद्या के चुचों के निप्पल्स को ज़ोर से दबाता था तो विद्या चीख उठती थी।


तब सूक्खूं विद्या के निप्पल्स को छोड़कर उसको चूसने लगता था, अब विद्या को चुदने में देर हो रही थी , लन्ड भी घुसा हुआ था।


तो विद्या की कमर चुदने के लिए चलने लगी, विद्या पीछे धनुष की तरह मुड़े मुड़े ही अपने हाथों को गद्दे पर टिकाए ही अपनी गाँड़ को चक्की की तरह चलाने लगी।


सूक्खूं बीच बीच मे विद्या को कंधे से पकड़ कर नीचे अपने लन्ड पर ज़ोर से दबा देता था कुछ देर दोनो एक दूसरे में ऐसे ही समय हुए धीरे धीरे चोद रहे थे।


लेकिन जैसे जैसे टाइम बढ़ता जा रहा था तो आग भी बढ़ती जा रही थी।


विद्या ने सूक्खूं को बेड पर पटका और सूक्खूं के लन्ड पर उछल उछलकर अपनी बुर को चोदने लगी सूक्खूं के लन्ड से कुछ देर में विद्या थक गई।


तो सूक्खूं ऊपर आ गया और विद्या को नीचे लिटाकर उसकी बुर को ज़ोर ज़ोर से चोदने लगा, बीच बीच मे सूक्खूं विद्या को करवट करके उसकी एक टांग को उठा कर भी चोद रहा।


भच भच , फच फच , फचाक , फचाक की आवाज़ें और विद्या की मस्ती भरी आवाज़ें दोनो हॉल में गूंजने लगीं, सूक्खूं ने फिर विद्या  को अपनी गोद मे उठाया और उसको डॉगी बनाकर उसकी बुर को भोसड़ा बनाने लगा।


अब सूक्खूं ने फिर से विद्या को अपनी बाँहों में भरा और विद्या को नीचे खड़ा करके बेड पर पेट के बल आधा लिटा दिया और उसकी गाँड़ में अपने तन हुए फड़फड़ाते लन्ड को घुसाने लगा।


लेकिन विद्या ने हाथ से सूक्खूं के लन्ड को अपनी गाँड़ से हटाया और बुर की फांकों के बीच सेट करके बोली - प्लीज सूक्खूं , पहले बुर की गर्मी शांत कर दो , उसके बाद गाँड़ भी मार लेना , लेकिन दोनो काम एक साथ मत करो।


सूक्खूं ने भी विद्या की चूत में सेट लन्ड को अंदर पेल दिया! लन्ड भी चिकना था , विद्या की चूत भी चिकनी थी, लन्ड सरसराता हुआ विद्या की चूत में जा समाया।


विद्या के दोनो हाथ सर के ऊपर थे , और विद्या के दोनो पैर नीचे फर्श पर थे , विद्या तो पूरी गद्दे में धंसी हुई थी। ये XXX Antarvasna Chudai Ki Kahaniआप Garamkahani.com पर पढ़ रहे हैं!


इतना तो मोटा गद्दा था , सिर्फ विद्या की गाँड़ और चूत जो कि सूक्खूं अपने दोनो हाथों से उठाए था , इसीलिए दिख रही थी, वरना वो भी गद्दे में धंसी होती।


सूक्खूं पूरा फिर से विद्या के दोनो हाथों को पकड़ कर उसी पर लेट गया और विद्या की बुर को उस पर लदे ही लदे चोदने लगा 


विद्या भी भरपूर साथ दे रही थी, काफी देर की चुदाई के बाद विद्या झड़ गई।


लेकिन सूक्खूं का अभी कुछ नही हुआ था, टाइमिंग बहुत ज़्यादा थी सूक्खूं कि या फिर टाइमिंग बढ़ाने वाली कोई दवा खा रखी होगी।


विद्या झड़ चुकी थी , लेकिन सूक्खूं के लन्ड की ठोकर उसकी चूत में बराबर पड़ रही थी।


कुछ देर तक विद्या की बुर को चोदने के बाद सूक्खूं ने अपने सने लन्ड को विद्या की बुर से निकले पानी को पीकर और तगड़ा हो चुका विद्या की बुर से बाहर निकाला।


और विद्या को बैठाकर उसके मुंह मे पेल दिया, विद्या भी सूक्खूं को भरपूर मज़ा दे रही थी, विद्या ने सूक्खूं का लन्ड , अपने मुंह मे भरकर चूसने लगी , कभी जीभ से कभी , पूरा का पूरा लन्ड मुंह मे ले लेकर चूस रही थी।


काफी देर तक सूक्खूं का लन्ड चूसने से विद्या का मुंह दर्द होने लगा तो उसने सूक्खूं का लन्ड मुंह से बाहर निकाल दिया।


 फिर से अपने दोनो हाथों को सिर के आगे बिछाकर लेटते हुए बोली - लो सूक्खूं अब तुम अपने भूखे भेड़िये की प्यास मेरी गाँड़ मारकर बुझाओ!


सूक्खूं भी विद्या के हाथों को अपने हाथों से दबाया , और विद्या की टांग को और फैलाया , जिससे गाँड़ अब और ज़्यादा खुल कर दिखने लगी थी।


सूक्खूं ने लन्ड पकड़ कर विद्या की गाँड़ पर रखा और हल्का सा घुसाया और विद्या का हाथ फिर जकड़ लिया, उसके बाद सूक्खूं विद्या के ऊपर फिर से लद गया और अपना पूरा लन्ड एक ही झटके में विद्या की गाँड़ में ठान्स दिया।


विद्या छटपटाई , लेकिन दोनो हाथों को सूक्खूं जकड़े हुए था और अपने सिर से विद्या का सिर दबाए था , और सूक्खूं विद्या की पीठ पर लदा था , इसलिए विद्या सिर्फ छटपटा रही थी।


और अपने दोनो पैरों को फर्श पर पटक रही थी, बुर चुदाना अलग बात है , और गाँड़ मरवाना अलग बात है! गाँड़ मरवाने में दर्द तो होता ही है!


सूक्खूं विद्या को छूटने के कोई मौका नही दे रहा था, विद्या अब जैसे कोई कुत्ता जब कुतिया की चोदता है तब कुतिया कूँ कूँ करती है।


वैसे ही विद्या सिर्फ टाँगों को पटक रही थी और मुंह बेड में धंसा होने से विद्या की भी आवाज़ कूँ कूँ जैसी ही निकल रही थी। ये Group Sex Wife Swaping Sex Story आप Garamkahani.com पर पढ़ रहे हैं


पूरा लन्ड विद्या की गाँड़ में पेल देने के बाद अब सूक्खूं धीरे धीरे विद्या की गाँड़ मारने लगा, कोई वही  8-10 मिनट के बाद सूक्खूं भी आह,,,,, ओह,,,,, करने लगा।


शायद अब सूक्खूं भी झड़ने वाला था , फिर सूक्खूं के लन्ड से एक जोरदार तेज़ धार  वीर्य की पिचकारी निकली और सूक्खूं कि गाँड़ को भरती चली गई।


सूक्खूं और विद्या दोनो ने चुदाई में काफी टाइम लिए थे, इसलिए सूक्खूं विद्या की पीठ पर ही निढाल होकर लद गया  दोनो शांत हो चुके थे, विद्या की शक्ल में सूक्खूं को नई दुल्हन मिली थी।


विद्या और सूक्खूं ने सुहागरात का भरपूर मज़ा लिया!


अब आगे , मैंने देखा सम्मू को सम्मू के लक में नकी की गर्ल फ्रेंड आई थी उसकी दुल्हन बनकर नकी की गर्लफ्रेंड और इस वक़्त सम्मू की बनी दुल्हन का नाम था - रूबी!


रूबी नाम था जो कि सम्मू की दुल्हन बनी थी , सम्मू का लक इन सबमे कुछ ज़्यादा ही अच्छा था, तभी तो सम्मू को 20-21 साल की जल्दी ही शादी हुई लड़की दुल्हन बनी बैठी थी।


मेरे ख्याल से रूबी की शादी को मुश्किल से 3 महीने ही हुए थे , ये भी सम्मू को नकी ने ही बताया था, तो इसका मतलब क्या नकी इन सबमे सबसे कम उम्र का था


तभी तो नकी की गर्ल फ्रेंड  की एज 20-21 साल थी , यानी अब नकी मेरा हसबैंड बना था, हालांकि मैंने अभी तक नकी को देखा नही था, अभी तो मैं उन लोगो की ही स्टोरी आप लोगो को बता रही हूं।


और मैं नकी की एक रात की दुल्हन बन चुकी थी , और नकी आज पूरी रात, मेरे साथ खूब जमकर चुदाई करने वाला था।


नकी ही क्या हर एक मर्द पहले राउंड के बाद , हर औरत को बदल कर चोदता , यही सबकी प्लानिंग थी।


हम चारो लेडीज़ को चारो मर्दों से अलग अलग चुदवाना था , इसके अलावा अगर फिर किसी का लन्ड खड़ा रहता है , या किसी औरत की प्यास नही बुझती है तो उसके साथ गैंगबैंग होना था , ये सब कुछ प्लानिंग में था।


सम्मू ने अपना सेहरा उतार कर एक तरफ रखा , और अपने बेड पर बैठी हसीना की , पीठ पर चुम्बन कर लिया।


रूबी चिहुँक उठी , और अपने हाथ से अपना घूंघट सही करने लगी , जैसे कि रियल वाली सुहागरात हो और सम्मू रियल में उसका हसबैंड हो।


रूबी के घूंघट सही करने से रूबी के हाथों की चूड़ियां खनकने लगी, सम्मू ने रूबी का हाथ पकड़ कर अपने हाथों से सहलाने लगे।


सम्मू को भी 20 साल की नई नवेली दुल्हन सछि सच्ची में मिली थी।सम्मू ने रूबी को तो बिना कपड़े उतारे ही , न तो सम्मू ने अपने कपड़े उतारे थे, और न ही तो रूबी के कपड़े उतारे थे।


अपने गले से लगा लिया और काफी देर तक गले से लगाये रहे , और रूबी की पीठपर हाथ फेरते रहे सहलाते रहे, फिर सम्मू ने रूबी का घूंघट हटाया तो रूबी अपने चेहरे को दोनो घुटनो में छुपाकर बैठ गई।


सम्मू ने रूबी का चेहरा उठाया तो रूबी की पलके झुक गईं, सच मे मुझे सम्मू की किस्मत पर जलन हो रही थी , मुझको लगता था कुंवारी दुल्हन मिल गई है।


सम्मू रूबी का खूबसूरत चेहरा उठाकर उसकी खूबसूरती निहारते रहे, तभी रूबी ने अपनी पलके उठाकर सम्मू को देखा और फिर से अपनी हुस्न वाली पलको को नीचे बिछा लिया। आप ये Desi Antarvasna Group Suhagrat Sex Story Garamkahani.com पर पढ़ रहे हैं!


सम्मू धीरे से आगे खिसके और रूबी का चेहरा अपने हाथों में लेकर उसके पतले होंठो पर अपने तजुर्बे वाले होंठो को रख दिया , अब रूबी को गरम होने से कोई नही बचा सकता था।


सम्मू ने ज़ुबान से ही रूबी के पतले खूबसूरत होंठो को खोला और मोतियों जैसे चमकते दांतो पर अपनी जुबान फिराने लगे , रूबी थोड़ा सा कांपी।


और फिर उसके खनकते हुए हाथ उठे और सम्मू कि गर्दन पकड़ ली, अब सम्मू और रूबी दोनो एक दूसरे का मुंह और ज़ुबान चूस रहे थे।रूबी के हाथों का दबाव धीरे धीरे सम्मू पर बढ़ता ही जा रहा था।


सम्मू ने फिर एक हाथ से रूबी के झलकते हुए हुस्न को चैलेंज करती चूची को गले से ही बाहर निकालने लगे, सम्मू का हाथ रूबी की चूची पर लगने से रूबी ढीली हुई जा रही थी।


अब रूबी को आगे बढ़ना ही था।


सम्मू ने रूबी का घूंघट उतार फेंका, और अब रूबी का हसीन चेहरा ,बड़ी बड़ी पलकें, बड़ी बड़ी खूबसूरत आंखे , ऊपर से घने पलको की झालर, रूबी को और हसीन बना रही थी!


अब जैसे पूर्णिमा का चांद सम्मू के हाथों में था, सम्मू बार बार रूबी के हुस्न में खो जाते थे जिससे मुझे अब और जलन हो रही थी।


लेकिन यहां कुछ किया भी तो नही जा सकता था , प्लानिंग ही सबकी यही थी सम्मू ने अब रूबी का कुर्ता भी उतार दिया अब रूबी के छलकते हुए दूध ब्रा में कैद थे और ब्रा से आज़ाद होना चाहते थे।


रूबी की पैंटी भी पारदर्शी सलवार में झलक रही थीसम्मू ने बिना देर किए रूबी की सलवार को भी उतार कर फेंक दिया और अपने कुर्ते के बटन को खोलने लगे!


रूबी सम्मू को ध्यान से देख रही थी, सम्मू ने अपना ऊपर का कपड़ा उतारा अब सम्मू ने अपने नीचे का कपड़ा भी उतार दिया , नीचे सम्मू अंडर वियर पहने थे फिर सम्मू और रूबी बेड पर लेट गए


आगे की कहानी जल्द ही गरम कहानी डॉट कॉम पर!


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