चार पतियों का पत्नियों साथ 'स्वैपिंग' का खेल 04

Hindi Sex Stories : जाने की अब 4 दुल्हनों को Swaping के बाद कौन से नए husband मिले जिनसे हमने अपनी Chut और गांड फड़वाई! जाने इस Group Sex Story में!


अभी तक आपने पिछले भाग "चार पतियों का पत्नियों साथ 'स्वैपिंग' का खेल 03" में पढ़ा :


सिमरन ने अब अपनी टांगे फैला दी थी और विवेक के द्वारा सिमरन की चूत में उंगली करवाने का मज़ा ले रही थी और अपनी छाती से निकल चुके दूध से खाली हो चुकी चूची को अपने हाथों से मसल रही थी दबा रही थी मिंज रही थी 


और विवेक के लन्ड को अपने हाथों से चांटा भी मार रही थी , जिससे विवेक उछल रहा था सिमरन अपनी चुतड़ उठा उठाकर विवेक की उंगली को अपनी चूत से बहते पानी से नहला रही थी।


अब आगे :


विवेक इतनी तेज तेज़ सिमरन की बुर में उंगली करने लगा जैसे सिमरन की बुर को अपने लन्ड से चोद रहा हो।


जब सिमरन की बुर में विवेक उंगली करते करते तक गया तब सिमरन को उठाया और सिमरन को घोड़ी बनाकर खड़ा किया और अपने कठोर लन्ड को सिमरन की पीठ सहलाता हुआ सिमरन की बुर में सेट किया।


विवेक ने लन्ड का टोपा सिमरन की बुर में ठान्स दिया था, फिर विवेक ने एक ज़ोर का धक्का सिमरन की चूत में अपने लन्ड से मारा , लन्ड सरसराता हुआ सिमरन की बुर को दीवारों भेदता हुआ अंदर जा टकराया।


अब सिमरन भी चुतड़ उठा उठाकर विवेक के लन्ड को जड़ तक खा जाने की कोशिश करने लगी, उधर विवेक एक्सप्रेस की रफ्तार से घचर घचर , फचाक फचाक , फच फच से सिमरन की बुर मारने लगा।


हाँ इसको बुर मारना ही तो बोलेंगे, विवेक बुर नही चोद रहा था बल्कि बुर को मार रहा था अपने लन्ड से!


सिमरन भी उतनी ही तेज़ी से चुतड़ उठा उठाकर बुर चुदाने लगी। 25-30 मिनट की चुदाई के बाद जब दोनो मस्ती के चरमोत्कर्ष पर पहुंचे तो पूरा हॉल चूत चोदने से गूँजने लगा।


सिमरन की आवाज़ हॉल में गूंज रही थी, विवेक ने सिमरन की बुर चोदने में कोई कसर नही छोड़ी।सिमरन झड़ चुकी थी, अब विवेक भी झड़ने वाला था। ये Group Sex Wife Swaping Sex Story आप Garamkahani.com पर पढ़ रहे हैं


विवेक ने लन्ड निकालकर सिमरन के मुंह मे डाल दिया , अब सिमरन अपने मुंह से विवेक के लन्ड को झड़ने का मज़ा देने लगी , उधर विवेक ने अपनी रफ्तार बरकरार रखी , और सिमरन के मुंह को चोदता रहा।


जैसे ही विवेक झड़ा तो अपना पूरा जड़ तक लन्ड सिमरन के मुंह मे घुसेड़ दिया और सिमरन का चेहरा अपने दोनो हाथों से पकड़ कर अपने लन्ड में समाने की कोशिश करने लगा।


विवेक का लन्ड सिमरन के मुंह मे पूरा जाते ही सिमरन हाथ पांव पटकने लगी , और विवेक का लन्ड अपने मुंह से निकालने लगी।


लेकिन विवेक ने सिमरन का चेहरा अपने दोनो हाथों से जकड़ रखा था तो सिमरन सिर्फ छटपटा रही थी।


जब विवेक के लन्ड से सारा पानी निकल गया तब विवेक ने लन्ड को सिमरन के मुंह से निकाला उधर सिमरन के मुंह मे अभी विवेक के लन्ड का पानी भरा हुआ था।


क्योंकि लन्ड मुंह मे पूरा घुसा होने से पानी मुंह मे ही भर था, विवेक न लन्ड बाहर निकाला तब सिमरन ने भी लन्ड के भरे हुए पानी को बाहर निकाला मुंह से और विवेक के लन्ड से पानी को अपनी जीभ से साफ करने लगी।


कोई वही 1 घण्टे के बाद , विवेक ने फिर से सिमरन को चोदना शुरू किया, लेकिन इस बार विवेक ने सिमरन की गाँड़ को चोदना शुरू किया था।


सिमरन को सीधा लिटाकर , फिर सिमरन की गाँड़ मारने लगा , और साथ साथ मे विवेक सिमरन की फिर से दूध से भर चुकी चुचियों दबाता था , मींजता था , मसलता जा रहा था और गाँड़ भी मारे जा रहा था।


अब सुक्खू की तरफ चलते है , और उधर देखते है क्या हो रहा था, सुक्खू की दुल्हन कौन बनी थी , सुक्खू के लक में कौन आई थी आज की सुहागरात में चुदाई के लिए!


सुक्खू , ने बेड पर जाने से पहले ही अपना पूरा कपड़ा उतार दिया था और पूरा का पूरा नँगा हो चुका था , सुक्खू अपने लन्ड को हवा में लहराते हुए अपनी नई दुल्हन की तरफ बढ़ा।


सुक्खू बेड पर पहुंचा और अपनी दुल्हन का घूंघट उठाया तो , सुक्खू को विद्या दुल्हन के रूप में मिली थी , यानी विवेक की  पत्नी विद्या, सुक्खू की आज की सुहागरात की नई दुल्हन बनी थी चुदने के लिए।


विद्या शरमाई , लजाई , और सुक्खू का हवा में लहराता हुआ लन्ड पकड़ लिया , और शरारत से बोली   - ये क्या है जी?


सुक्खू - ये तुम्हारी चूत का भोजन है रानी


इसको मुंह से भी खाया जाता , सिर्फ चूस चूसकर , और  रियलिटी में चूत से खाया जाता है , सुक्खू - हंसते हुए बोला , और अगर तुम्हारा पेट न भरे तो तुम अपनी मोटी गाँड़ से भी खा जाना।


कहते हुए सुक्खू ने विद्या की चुतड़ पर हाथ फेरा विद्या भी सुक्खू का लम्बा मोटा लन्ड सहला रही थी।


सुक्खू ने विद्या को खड़ा करके विद्या के कपड़े उतारे , और विद्या को अपनी बाँहों में जकड़ लिया , और उसकी बालों की चोटी को पकड़ कर हल्का सा पीछे झुकाकर दिया


और उसकी पतली सुराहीदार गर्दन को चूमने लगा , विद्या भी पीछे की तरफ हल्का सा मुड़ी थी , जिससे उसकी चुचियाँ और बाहर निकली थी।


सुक्खू विद्या के बालों को उसकी पीठ की तरफ से अपने हाथों में ही जकड़े था और विद्या भी सुक्खू के सिर को पकड़े हुए पीछे झुकी थी।


सुक्खू विद्या की गर्दन को चूमते हुए उसके कांधों को अपने दांतों से काट रहा था!


आऊ,,,,,,,, ऊमह,,,,,,,,,,, आहह,,,,,,, आँहा,,,,,, शिशसस्सस्सस्सा जैसी सेक्सी आवाज़ निकाल रही थी , विद्या गर्म हो रही थी।


सुक्खू ने विद्या के गले के पास वाली हड्डी यानी कंधे वाली हड्डी पर भी दांत गड़ाया!


उई,,ईई,,,,,,, मम्मी! कहते हुए सुक्खू से लिपट गई , और सुक्खू के गले मे हाथ डालकर खूब ज़ोर से पकड़ कर भींच ली। ये XXX Antarvasna Chudai Ki Kahaniआप Garamkahani.com पर पढ़ रहे हैं!


सुक्खू विद्या के गर्दन पर अपने दांतों से काटता जा रहा था , और अपने हाथों की उंगलियां , विद्या की पीठ पर कंधे पर गर्दन के पिछले हिस्से पर चुभाता जा रहा था।


यानी सुक्खू विद्या को शायद नए तरीके से सेक्स फैला रहा था।


मतलब ये की  शायद हो सकता है की विवेक ने अपनी पत्नी विद्या को इस तरह से उसको न चूमा चाटा हो और इस तरह से न सेक्स फैलाया हो , विद्या के बदन के सभी रोंगटे खड़े हो गए थे।


विद्या आज दुबारा से किसी New Husband के साथ Honeymoon मना रही थी।


जिसका वो खूब इंजॉय कर रही थी , सुक्खू विद्या को चूमते , उंगलियां गड़ाते, विद्या की चूची के निप्पल्स को अपने होंठो से दबाने लगा जिससे विद्या रोमांच और सेक्स से सिहर उठी।


विद्या की उंगलियां सुक्खू की पीठ में घुसी जा रही थी , इतना hot हो चुकी थी विद्या की कंट्रोल से बाहर हो रही थी!


विद्या सचमुच में Suhagrat का आनंद ले रही थी, विद्या ने अपने दोनो पैरों को उठाया और सुक्खू के खड़े लन्ड पर , सुक्खू के गले मे अपने बाँहों का हार डाले , सुक्खू के कमर से अपने पैरों को लिपटकर सुक्खू के गले झूल गई।


सुक्खू ने अपने खड़े लन्ड को विद्या की बुर से रगड़ते हुए, गाँड़ को भी रगड़ रहा था।


विद्या ऊंह,,,,,, आँहा ,,,,,,,,, उफ्फ,,,, आह,,,,,,,, sssssssह ह,,,, हुम्,,,, मस्ती से कर रही थी , और सुक्खू के अपने लन्ड से अपनी चूत और गाँड़ से रगड़ते लन्ड का मज़ा ले रही थी।


आहह,,,, सुक्खू उ उ मज़ा आ रहा है , आहह,,,, आह,,,उफ्फ,,,!


सुक्खू को बी विद्या की ऐसी मदमस्त आवाज़ मदहोश कर रही थी , और सुक्खू का लन्ड विद्या के गाँड़ और चूत पर झटके मार मार कर अपने होने और विद्या की बुर चोदने की वार्निंग दे रहा था दोनो को ही।


विद्या एकदम नन्हे बच्चो की तरह अपने दोनो हाथों और पैरों से सुक्खू से गोल गोल लिपटी थी, जैसे सुक्खू के अंदर ही घुस जाना चाहती हो।


सुक्खू विद्या के सिर को अभी भी बालों की चोटी पकड़े पीछे ही झुकाए था, सुक्खू विद्या की चूची को अब अपने मुंह मे भर चुका था और किसी दूध पीते बच्चे की तरह आवाज़ करता हुआ उसकी चूचियों को पी रहा था।


सुक्खू दूसरे हाथ से विद्या के झूलते हुए दूसरी चूची को पकड़ कर दबाते भी जा रहा था, विद्या की सेक्सी सिसकियां गूंज रही थी।


विद्या के बड़े नाखून वाली उंगलियां , जैसे सुक्खू के बदन को चीरती हुई सुक्खू के अंदर घुसी जा रही थीं।


लेकिन जब नशा चुदाई का हो तब कौन क्या देखता है! उस वक़्त तो सिर्फ चुदाई ही दिखती है।


दर्द ,जलन,तकलीफ का अहसास तो बुर चुदने के बाद होता है कि बुर में जलन हो रही है , या गाँड़ फट गई है या फिर चुचियों की इतनी दबाई हुई है कि चुचियों की चटनी बन गई है।


ये सब तो बाद में पता चलता है


विद्या सुक्खू के गले मे झूलते हुए ही अपनी चूत को सुक्खू के पेट से रगड़ रही थी जोश में जैसे सुक्खू का पेट न होकर लन्ड हो , विद्या उतावली हो रही थी।


अब तक इतनी देर से ये सारा सेक्स दोनो ने खड़े होकर ही किया थाअब सुक्खू ने विद्या को अपनी गोद मे उठाया , और उसकी चूची को चूसता हुआ विद्या को बेड पर लिटा दिया।


अब विद्या थोड़ा शरमाई , लेकिन चूंकि चूत में जब आग लगी हो तो उस वक़्त कुछ नही दिखता, फिर कौन से दोनो अलग थे या अपरिचित थे।


सुक्खू प्लीज अब करो न , विद्या अपनी टाँगों को फैलाकर अपनी चूत सुक्खू को दिखाते हुए बोली


सुक्खू - हां करता हूँ मेरी जान, इतनी भी जल्दी क्या है!


अभी थोड़ा और एक दूसरे के बदन का मज़ा तो लिया जाए, ऐसे क्या की बस , जवान नँगी लड़की या बीवी देखो बस डायरेक्ट लन्ड डालकर चोदने लगो, मज़ा लो, और मज़ा दो।


तुम मेरा बदन देखो, मैं तुम्हारा बदन देखूं उसके बाद में पेलम पाल होगी।  ये Hot Nonveg Indian Sex Stories आप Garamkahani.com पर पढ़ रहे हैं


सुक्खू की ये बात तो वाकई में सही थी , भाई जब दोनो लोग फ्री है ही, और करना चुदाई ही है तो पहले पूरे बदन को देखा जाए ,छुआ जाए तभी तो मज़ा।


जब डायरेक्ट Chodna ही हो तो क्या फायदा, सीधे सलवार या गाउन या पैंटी, या  पेटीकोट, उठाकर सीधे ही चोद लो या चोद दो।


विद्या अपनी टांगो को फैलाये सुक्खू को अपनी Chut से निकलते गाढ़े पानी का दर्शन करवा रही थी


सुक्खू पूरा का पूरा विद्या के ऊपर लेट गया, और फिर से उसके चूचे दबाने लगा , उसको दबाता भी था , और निप्पलों को भी दांतो से काटता था।


विद्या सिर्फ सुक्खू के बालों को पकड़े , अपने आप मे समा लेना चाहती थी, विद्या बार बार सुक्खू का लन्ड अपने हाथों से पकड़ने की कोशिश कर रही थी।


लेकिन सुक्खू भी अपने लन्ड को विद्या को पकड़ने नही दे रहा था, विद्या अब अपनी गाँड़ उछालने लगी थी , सुक्खू विद्या के बगलों को भी चूम रहा था, और बगलों को चूमते हुए।


[मुझसे आप टेलीग्राम पर जुड़ सकते है : @SandhyaSharmaSs]


अपनी नाक को विद्या के पेट पर  रगड़ते हुए , सेक्स फैला रहा था, विद्या अब चुदने के लिए छटपटा रही थी, शायद विद्या अब पूरी तरह कंट्रोल से बाहर हो चुकी थी।


सुक्खू अपनी नाक , अपने होंठ को विद्या की पीठ,पेट बगल में रगड़ता और चूमता था, चूमते हुए सुक्खू विद्या की चूत के ऊपरी हिस्से यानी जहां से बाल होते है या उगते है, अब वहां पर अपने होंठो को।


रगड़ रहा था , चिकोटी भी काट रहा था, और दांत तो काटना भूलता ही नही था।


फिर सुक्खू ने अपनी नाक रगड़ते हुए विद्या की चूत पर उसकी बुर की फांकों को फैलाकर , उसमे अपनी सांसे छोड़ने लगा।


आह,,,,,, ओह,,,,,, उफ्फ,,,,,,, मैं मरी जा रही हूं सुक्खू ,,,,,,,,,, प्लीज,,,,,, प्लीज,,,,,,,,,,, अब बस करो डार्लिंग!


आहह,,,,,, उफ्फ,,,,,,,, विद्या अब अपने हाथों से दोनों चुचियाँ मसल रही थी , मींज रही थी! दोनो चूचियों के निप्पल्स को अपनी उंगलियों में दबा लेती थी, और अपनी चुतड़, उछालती थी।


तभी सुक्खू ने अपनी जीभ , विद्या की चूत में डाला जिससे सेक्स से विद्या अकड़ गई।


और अपनी भारी और बड़ी चुतड़ को उठाकर, सुक्खू की जीभ को और ज़्यादा अंदर लेने के लिए अपनी पूरी गाँड़ को कम से कम 1 फिट तक ऊंचा उठा दिया , और सुक्खू के सिर और बालों को पकड़ कर, अपनी चूत में घुसाने लगी।


अब सुक्खू भी विद्या की बुर की फांकों में अपनी जीभ डालकर अंदर बाहर करने लगा विद्या अपनी चुचियों को दबाना या मसलना , मींजना नही छोड़ी थी, निप्पल्स की तो जैसे शामत आई थी।


अब सुक्खू ने अपने लन्ड से निकलते गाढ़े चिकने पानी को टपकाते हुए विद्या को उठाया और मुंह मे धांस दिया।


विद्या सुक्खू के लन्ड को मुंह मे लेकर मज़े से चूसने लगी , और सुक्खू खड़े खड़े बैठी हुई विद्या के मुंह मे लन्ड चुसाने का भरपूर मज़ा ले रहा था।


सुक्खू ने विद्या के मुंह मे लन्ड डाले ही डाले अपने पैरों के अंगूठे को विद्या की भूखी बुर में घुसा कर उसकी गर्मी बढ़ाता जा रहा था...


आगे की कहानी : "चार पतियों का पत्नियों साथ 'स्वैपिंग' का खेल 05"


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